पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP के कार्यक्रम का विरोध, RSS को मुख्य अतिथि बुलाने पर हंगामा; 12 लोग हिरासत में

चंडीगढ़ के PL आनंद ऑडिटोरियम में ‘सीरत युवती सम्मेलन’ के दौरान Lalkaar छात्र संगठन ने किया प्रदर्शन; दोनों पक्षों के आमने-सामने आने पर पुलिस ने संभाला मोर्चा।

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चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में बुधवार दोपहर ABVP के एक कार्यक्रम को लेकर तनाव पैदा हो गया। Lalkaar छात्र संगठन ने कार्यक्रम में RSS सदस्यों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान विरोधी छात्र समूहों के बीच मामूली झड़प हुई और पुलिस ने एहतियातन 12 लोगों को हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया।

चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में बुधवार दोपहर एक छात्र कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। PL आनंद ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से आयोजित ‘सीरत युवती सम्मेलन’ के दौरान Lalkaar छात्र संगठन के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन से विश्वविद्यालय के वैचारिक स्वरूप पर असर पड़ सकता है। विरोध के दौरान दूसरे छात्र समूहों के साथ तनाव बढ़ा और मामूली झड़प भी हुई।

‘PU Against Saffronisation’ के बैनर तले प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, करीब 20 से 25 छात्रों ने दोपहर लगभग 3 बजे प्रदर्शन शुरू किया। यह विरोध ABVP के ‘सीरत युवती सम्मेलन’ के दौरान हुआ, जिसे ABVP के नेतृत्व वाली पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) के अध्यक्ष ने प्रस्तुत किया था।

यह कार्यक्रम ‘नौ दिन, नौ महिला प्रतिनिधि’ पहल के तहत महिला प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।

Lalkaar के सदस्यों ने ‘PU Against Saffronisation’ के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए RSS सदस्यों को आमंत्रित किए जाने का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे विश्वविद्यालय के कथित भगवाकरण से जुड़ी चिंता बताया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव

पुलिस के मुताबिक, जब प्रदर्शनकारी ऑडिटोरियम की ओर बढ़ने लगे तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान Lalkaar और अन्य छात्र संगठनों के सदस्य आमने-सामने आ गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मी दोनों पक्षों के बीच खड़े होकर उन्हें अलग करने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति बिगड़ने पर एहतियाती कदम उठाए गए।

पुलिस के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे से 6:30 बजे के बीच 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्हें सेक्टर-11 पुलिस थाने ले जाया गया। बाद में स्थिति शांत होने पर सभी को रिहा कर दिया गया।

Lalkaar अध्यक्ष सारा ने लगाए मारपीट के आरोप

Lalkaar की अध्यक्ष सारा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल की ओर जाते समय प्रदर्शनकारियों को शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उनकी जींस के कमरबंद को पकड़कर उन्हें ऊपर उठाया।

सारा ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की।

ये आरोप Lalkaar की अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर पुलिस या संबंधित दूसरे छात्र समूह की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

PUCSC अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लगाया कार्यक्रम बाधित करने का आरोप

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) के अध्यक्ष अंकित भिदान ने प्रदर्शनकारियों पर कार्यक्रम स्थल में बिना अनुमति प्रवेश करने और आयोजन में व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया।

उनके अनुसार, प्रदर्शन के कारण कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई।

इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं। जहां Lalkaar ने RSS सदस्यों को आमंत्रित किए जाने और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठाए, वहीं PUCSC अध्यक्ष ने प्रदर्शन के तरीके और कार्यक्रम में व्यवधान को लेकर आपत्ति जताई।

विश्वविद्यालय परिसर में वैचारिक मुद्दे पर बढ़ा विवाद

इस विरोध का मुख्य मुद्दा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में RSS सदस्यों को आमंत्रित किया जाना था। Lalkaar ने इसे विश्वविद्यालय के वैचारिक चरित्र से जोड़कर देखा और इसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर, कार्यक्रम के आयोजक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर आयोजन बाधित करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों समूहों के बीच टकराव रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों को स्थिति सामान्य होने के बाद छोड़ दिया गया। घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस कार्रवाई के अन्य पहलुओं पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

Key Highlights

  • पंजाब यूनिवर्सिटी में बुधवार दोपहर ABVP के कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन हुआ।

  • Lalkaar छात्र संगठन ने RSS सदस्यों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने पर आपत्ति जताई।

  • करीब 20 से 25 छात्रों ने ‘PU Against Saffronisation’ के बैनर तले प्रदर्शन किया।

  • विरोध के दौरान छात्र समूहों के बीच मामूली झड़प हुई।

  • पुलिस ने एहतियातन 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।

  • Lalkaar अध्यक्ष सारा ने पुलिस और दूसरे पक्ष पर शारीरिक हिंसा के आरोप लगाए।

  • PUCSC अध्यक्ष अंकित भिदान ने प्रदर्शनकारियों पर कार्यक्रम बाधित करने का आरोप लगाया।

FAQ Section

1. पंजाब यूनिवर्सिटी में विवाद किस बात पर हुआ?

विवाद ABVP के ‘सीरत युवती सम्मेलन’ में RSS सदस्यों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने को लेकर हुआ।

2. प्रदर्शन किस छात्र संगठन ने किया?

Lalkaar छात्र संगठन ने ‘PU Against Saffronisation’ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया।

3. पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया?

पुलिस के अनुसार, एहतियातन लगभग 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया था। स्थिति शांत होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

4. Lalkaar अध्यक्ष सारा ने क्या आरोप लगाए?

सारा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। उन्होंने हिरासत के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

5. PUCSC अध्यक्ष ने क्या कहा?

PUCSC अध्यक्ष अंकित भिदान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल में घुसे और उन्होंने आयोजन बाधित किया, जिससे वहां अव्यवस्था पैदा हुई।

Conclusion

पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP के ‘सीरत युवती सम्मेलन’ को लेकर हुआ विरोध विश्वविद्यालय परिसर में वैचारिक मतभेद और छात्र संगठनों के बीच तनाव को सामने लाता है। RSS सदस्यों को आमंत्रित करने पर Lalkaar की आपत्ति के बाद प्रदर्शन हुआ, जबकि आयोजक पक्ष ने कार्यक्रम बाधित किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया। घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।Screenshot_246

Edited By: Atul Sharma

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