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हरियाणा के PGIMS रोहतक में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक शुरू, गर्भधारण से पहले होगी स्वास्थ्य जांच
UHSR के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने किया उद्घाटन; डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और एनीमिया जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान पर रहेगा जोर।
हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य गर्भधारण से पहले महिलाओं और भावी माता-पिता को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देना, संभावित बीमारियों की पहचान करना और सुरक्षित गर्भावस्था की तैयारी में मदद करना है।
हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) ने प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की है। संस्थान में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक की शुरुआत की गई है, जहां गर्भधारण से पहले महिलाओं और भावी माता-पिता को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा।
इस क्लिनिक का उद्घाटन बुधवार को यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR), रोहतक के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने PGIMS के ओपीडी ब्लॉक में किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और दंपतियों को स्वस्थ तथा सुरक्षित गर्भावस्था के लिए तैयार करना है।
गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य जांच पर रहेगा जोर
आमतौर पर कई महिलाएं गर्भवती होने के बाद ही स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना शुरू करती हैं। ऐसे में कुछ बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की पहचान देर से हो पाती है।
PGIMS में शुरू किया गया यह क्लिनिक गर्भधारण से पहले ही स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने और जरूरी चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा।
डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि समय रहते उनकी रोकथाम और संभावित जटिलताओं को कम करना भी है।
उन्होंने कहा कि गर्भधारण से पहले उचित चिकित्सकीय परामर्श लेने से महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति समझने, आवश्यक जांच कराने और स्वस्थ गर्भावस्था की बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।
डायबिटीज, हाई BP और थायरॉइड जैसी समस्याओं की पहचान
क्लिनिक में गर्भधारण से पहले उन स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा, जो गर्भावस्था और मां के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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डायबिटीज यानी मधुमेह
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हाई ब्लड प्रेशर
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थायरॉइड संबंधी विकार
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एनीमिया यानी खून की कमी
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पहले से मौजूद अन्य चिकित्सकीय समस्याएं
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, इन स्थितियों का समय पर आकलन महिलाओं को गर्भधारण की बेहतर योजना बनाने में मदद कर सकता है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर आगे की जांच, उपचार या विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह दे सकते हैं।
महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को प्राथमिकता
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण से पहले महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना और उन्हें उचित परामर्श देना है।
उन्होंने कहा कि क्लिनिक के माध्यम से महिलाओं को आवश्यक जांच, आगे के उपचार और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
इससे महिलाओं को गर्भधारण से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करने और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने का अवसर मिलेगा।
संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता
डॉ. मीनाक्षी चौहान ने बताया कि क्लिनिक में गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य जांच, संतुलित पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और संभावित चिकित्सकीय जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
गर्भधारण की योजना बनाते समय स्वास्थ्य संबंधी आदतों और पहले से मौजूद बीमारियों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी उद्देश्य से क्लिनिक में दंपतियों को उनकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार सलाह देने पर जोर रहेगा।
यह पहल महिलाओं को गर्भावस्था से पहले अपनी सेहत को प्राथमिकता देने और संभावित जोखिमों के बारे में समय रहते जानकारी प्राप्त करने में मदद कर सकती है।
सुरक्षित गर्भावस्था की तैयारी में मिलेगी मदद
PGIMS की इस पहल का व्यापक उद्देश्य गर्भधारण से पहले उचित स्वास्थ्य मूल्यांकन और परामर्श को बढ़ावा देना है। इससे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, जरूरी जांच और उपचार की योजना समय पर बनाई जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भधारण से पहले की देखभाल महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति समझने और अधिक जानकारी के साथ गर्भावस्था की योजना बनाने में मदद करती है।
Key Highlights
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PGIMS रोहतक में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक शुरू किया गया।
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UHSR के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने क्लिनिक का उद्घाटन किया।
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क्लिनिक PGIMS के ओपीडी ब्लॉक में स्थापित किया गया है।
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गर्भधारण से पहले महिलाओं और भावी माता-पिता को चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा।
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डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और एनीमिया जैसी समस्याओं की पहचान पर जोर रहेगा।
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संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और जरूरी स्वास्थ्य जांच के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
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जरूरत पड़ने पर महिलाओं को आगे की जांच और विशेषज्ञ उपचार के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
FAQ Section
1. PGIMS रोहतक में कौन-सी नई सुविधा शुरू हुई है?
PGIMS रोहतक में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है।
2. प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्या होती है?
यह गर्भधारण की योजना बनाने से पहले दी जाने वाली चिकित्सकीय सलाह है। इसमें स्वास्थ्य स्थिति का आकलन, जरूरी जांच, जीवनशैली और संभावित जोखिमों पर मार्गदर्शन शामिल हो सकता है।
3. गर्भधारण से पहले किन बीमारियों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है?
डॉक्टर जरूरत के अनुसार डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड विकार, एनीमिया और अन्य पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं का आकलन कर सकते हैं।
4. PGIMS के इस क्लिनिक का उद्घाटन किसने किया?
यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR), रोहतक के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने क्लिनिक का उद्घाटन किया।
5. क्या इस क्लिनिक में पोषण और जीवनशैली पर भी सलाह मिलेगी?
हां, डॉ. मीनाक्षी चौहान के अनुसार, क्लिनिक में संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली, गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य जांच और संभावित चिकित्सकीय जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
Conclusion
PGIMS रोहतक में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक की शुरुआत गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस सुविधा के जरिए महिलाओं को संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, आवश्यक जांच और स्वस्थ गर्भावस्था की तैयारी के लिए मार्गदर्शन मिल सकेगा। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से गर्भावस्था से जुड़े कुछ जोखिमों को पहचानने और उनका उचित प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है।

