LPU कैंपस में अशांति फैलाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर हाईकोर्ट सख्त, जांच एजेंसी को जांच के निर्देश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने X, Instagram और Reddit पर मौजूद कथित भ्रामक पोस्ट का संज्ञान लिया; राज्य के वकील को सामग्री ब्लॉक कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में अशांति से जुड़ी कथित गलत रिपोर्टिंग वाली सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत को बताया गया कि अधिकतर आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक कर दी गई हैं, लेकिन कुछ पोस्ट अब भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में अशांति से जुड़ी कथित भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में जांच एजेंसी को संबंधित सामग्री की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश उस समय दिया, जब याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने बताया कि अधिकतर आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक होने के बावजूद कुछ सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब भी उपलब्ध है।

यह अंतरिम आदेश मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने रवि राज की ओर से केंद्र सरकार और अन्य पक्षों के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान पारित किया।

सोशल मीडिया पर अब भी मौजूद हैं कुछ कथित भ्रामक पोस्ट

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि LPU परिसर में अशांति से जुड़ी कथित गलत जानकारी प्रसारित करने वाली अधिकतर पोस्ट को ब्लॉक कर दिया गया है।

हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव चोपड़ा ने अदालत के सामने कुछ ऐसी पोस्ट रखीं, जो X, Instagram और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब भी उपलब्ध थीं।

याचिकाकर्ता के वकील ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि कुछ सामग्री के ऑनलाइन बने रहने के कारण उसे हटाने के लिए आगे की कार्रवाई आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने राज्य के वकील को सौंपी पोस्ट की प्रतियां

मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत के आदेश के मुताबिक, संबंधित पोस्ट की प्रतियां राज्य सरकार की ओर से पेश वकील को सौंपी गईं।

इसका उद्देश्य संबंधित सामग्री को ब्लॉक कराने के लिए आवश्यक कदम उठाना था। अदालत ने कहा कि कथित गलत रिपोर्टिंग वाली उन पोस्ट के संबंध में जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिनका संबंध विश्वविद्यालय परिसर में अशांति से बताया गया है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित जांच एजेंसी इन पहलुओं की जांच करे।

रवि राज की जनहित याचिका पर हो रही सुनवाई

यह मामला रवि राज की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सोशल मीडिया पर उपलब्ध कुछ पोस्ट का उल्लेख किया गया। अदालत ने संबंधित सामग्री की जांच और उसे ब्लॉक कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के मुद्दे पर निर्देश दिए।

यह आदेश अंतरिम प्रकृति का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने संबंधित पोस्ट को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और जांच एजेंसी को मामले के पहलुओं की पड़ताल करने के लिए कहा है।

4 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 4 नवंबर को सूचीबद्ध किया है। याचिकाकर्ता को राज्य सरकार की ओर से दाखिल जवाब पर प्रत्युत्तर यानी rejoinder दाखिल करने की अनुमति भी दी गई है।

अगली सुनवाई के दौरान मामले में दाखिल जवाब, याचिकाकर्ता की दलीलों और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई कार्रवाई की स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है।

Key Highlights

  • पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने LPU परिसर में अशांति से जुड़ी कथित भ्रामक पोस्ट की जांच के निर्देश दिए।

  • अदालत को बताया गया कि कुछ पोस्ट ब्लॉक होने के बावजूद सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं।

  • X, Instagram और Reddit पर मौजूद कुछ पोस्ट का अदालत में उल्लेख किया गया।

  • याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील गौरव चोपड़ा ने पोस्ट की ओर अदालत का ध्यान दिलाया।

  • पोस्ट की प्रतियां राज्य के वकील को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंपी गईं।

  • मामला रवि राज की जनहित याचिका से संबंधित है।

  • अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

FAQ Section

1. LPU सोशल मीडिया पोस्ट मामले में हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संबंधित जांच एजेंसी को कथित गलत रिपोर्टिंग वाली सोशल मीडिया पोस्ट के पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

2. किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पोस्ट का उल्लेख हुआ?

सुनवाई के दौरान X, Instagram और Reddit पर मौजूद कुछ पोस्ट का उल्लेख किया गया।

3. क्या सभी आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक कर दी गई थीं?

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि अधिकतर आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक की जा चुकी हैं, लेकिन कुछ पोस्ट अब भी ऑनलाइन उपलब्ध थीं।

4. यह मामला किसकी याचिका पर सुनवाई से जुड़ा है?

यह रवि राज की ओर से केंद्र सरकार और अन्य पक्षों के खिलाफ दायर जनहित याचिका से संबंधित है।

5. मामले की अगली सुनवाई कब होगी?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले को 4 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है।

Conclusion

LPU परिसर में अशांति से जुड़ी कथित भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संबंधित जांच एजेंसी को जांच करने और सामग्री को ब्लॉक कराने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए राज्य के वकील को उनकी प्रतियां सौंपीं। अब 4 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी।Screenshot_248

Edited By: Atul Sharma

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