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Haryana News: संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिलेगी नौकरी की सुरक्षा, सरकार लाएगी 2026 का नया कानून
हरियाणा विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की घोषणा, सरकारी कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की तर्ज पर विश्वविद्यालय शिक्षकों को मिलेगा सेवा सुरक्षा का लाभ
हरियाणा सरकार राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स के लिए नया कानून लाने जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा के मानसून सत्र में Haryana State Universities Contractual Assistant Professor/Lecturers (Security of Service) Act, 2026 लाने की घोषणा की।
हरियाणा के राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है। हरियाणा विधानसभा के जारी मानसून सत्र में मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार संविदा शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा देने के लिए नया कानून लाएगी।
यह घोषणा हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर और थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा तथा फतेहाबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया की ओर से उठाए गए Calling Attention Motion के जवाब में की गई। प्रस्तावित कानून का नाम “Haryana State Universities Contractual Assistant Professor/Lecturers (Security of Service) Act, 2026” होगा।
संविदा शिक्षकों को मिलेगी सेवा सुरक्षा
सरकारी कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की तर्ज पर होगा प्रावधान
प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों में काम कर रहे संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स को सेवा सुरक्षा प्रदान करना है। यह व्यवस्था सरकारी कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरर्स को दी गई सेवा सुरक्षा की तर्ज पर तैयार की जाएगी।मंत्री की घोषणा के बाद Haryana Universities Contractual Teachers Association (HUCTA) के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय मलिक के नेतृत्व में महिपाल ढांडा का आभार जताया।
शिक्षकों की मांग पर बनी थी उच्च स्तरीय कमेटी
MDU रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता में हुआ था गठन
महिपाल ढांडा ने विधानसभा में बताया कि HUCTA और Haryana University Part-Time Teachers Association की ओर से उठाए गए मुद्दों के बाद राज्य सरकार की मंजूरी से एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी।
इस समिति की अध्यक्षता महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक के कुलपति ने की। समिति ने संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया और उन्हें सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की।
2024 के कानून से 2,095 कर्मचारियों को मिला लाभ
विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए अब 2026 का नया कानून
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के कॉलेजों में Security of Service Act, 2024 पहले ही लागू किया जा चुका है। इसके तहत 2,095 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का लाभ मिल चुका है।
अब इसी तर्ज पर राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स के लिए वर्ष 2026 में नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
सेवा सुरक्षा के लिए छह प्रमुख शर्तें
पात्रता और सेवा अवधि को बनाया गया आधार
MDU के कुलपति की अध्यक्षता वाली समिति ने संविदा शिक्षकों को सेवा सुरक्षा देने के लिए छह प्रमुख मानदंड निर्धारित किए हैं।
1. शैक्षणिक पात्रता
शिक्षक ने 30 जून 2023 तक असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए निर्धारित सभी पात्रता शर्तें पूरी की हों।
2. पांच साल की लगातार सेवा
शिक्षक ने 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी की हो और वर्तमान में भी सेवा में हो।
3. उम्र की सीमा
15 अगस्त 2024 को शिक्षक की उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
4. न्यूनतम शिक्षण कार्य
वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच शिक्षक ने हर महीने कम से कम 16 घंटे का शिक्षण कार्य किया हो।
5. वर्तमान में 16 घंटे साप्ताहिक शिक्षण
शिक्षक वर्तमान समय में कम से कम 16 घंटे प्रति सप्ताह शिक्षण कार्य कर रहा हो।
6. पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
शिक्षक की नियुक्ति उपयुक्त समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञापन और विधिवत गठित चयन समिति के माध्यम से हुई हो।
HRD की आपत्तियों का जल्द समाधान होगा
उच्च शिक्षा विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा को आश्वासन दिया कि प्रस्तावित कानून को लेकर मानव संसाधन विभाग (HRD) की ओर से उठाई गई आपत्तियों का उच्च शिक्षा विभाग जल्द समाधान करेगा।
उन्होंने कहा कि इन आपत्तियों का समाधान होने के बाद कानून को लेकर आवश्यक आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे राज्य विश्वविद्यालयों में लंबे समय से संविदा आधार पर सेवाएं दे रहे पात्र शिक्षकों को सेवा सुरक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
Key Highlights:
- हरियाणा सरकार संविदा विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए नया कानून लाएगी।
- प्रस्तावित कानून का नाम Haryana State Universities Contractual Assistant Professor/Lecturers (Security of Service) Act, 2026 है।
- घोषणा उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा में की।
- थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा और फतेहाबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया ने मुद्दा उठाया था।
- सरकारी कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की तर्ज पर सेवा सुरक्षा देने का प्रस्ताव।
- MDU रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनी थी।
- समिति ने संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों को सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की।
- 2024 के Security of Service Act से कॉलेजों के 2,095 कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है।
- प्रस्तावित कानून के लिए छह प्रमुख पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
- HRD की आपत्तियों का समाधान करने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
FAQ Section:
हरियाणा में संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए कौन सा नया कानून आएगा?
राज्य सरकार “Haryana State Universities Contractual Assistant Professor/Lecturers (Security of Service) Act, 2026” लाने का प्रस्ताव कर रही है।
नए कानून का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत पात्र संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स को सेवा और नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना है।
सेवा सुरक्षा के लिए कितने मानदंड तय किए गए हैं?
उच्च स्तरीय समिति ने सेवा सुरक्षा के लिए छह प्रमुख मानदंड निर्धारित किए हैं, जिनमें पात्रता, सेवा अवधि, उम्र, शिक्षण घंटे और नियुक्ति प्रक्रिया शामिल हैं।
2024 के कानून से कितने कर्मचारियों को लाभ मिला?
हरियाणा के कॉलेजों में लागू Security of Service Act, 2024 के तहत 2,095 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का लाभ मिला है।
क्या नया कानून अभी लागू हो गया है?
नहीं। यह 2026 में प्रस्तावित नया कानून है। HRD की आपत्तियों का समाधान करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग आवश्यक आगे की कार्रवाई करेगा।
Conclusion:
हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्तावित 2026 का नया सेवा सुरक्षा कानून राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत पात्र संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। विधानसभा में घोषणा के बाद अब HRD की आपत्तियों के समाधान और आगे की विधायी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। यदि कानून लागू होता है तो निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा शिक्षकों को नौकरी में अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
