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हरियाणा में महंगा हो सकता है दूध, भैंस के दूध के लिए 100 और गाय के लिए 80 रुपये लीटर का प्रस्ताव
डेयरी किसानों ने बढ़ती लागत का हवाला देकर कीमत बढ़ाने की मांग उठाई, 10 सितंबर को जनता की प्रतिक्रिया के बाद होगा अंतिम फैसला
हरियाणा के कई गांवों में डेयरी किसान दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। मौजूदा कीमत 60 से 80 रुपये प्रति लीटर के बीच है, जबकि भैंस के दूध के लिए 100 और गाय के दूध के लिए 80 रुपये प्रति लीटर का प्रस्ताव रखा गया है।
हरियाणा में आने वाले दिनों में दूध की कीमत बढ़ सकती है। राज्य के कई गांवों में डेयरी किसान दूध के मौजूदा दाम को बढ़ाने पर मंथन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पशुओं के चारे, भूसे, दवाइयों, मजदूरी और परिवहन की लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे डेयरी पालन से होने वाला मुनाफा काफी कम हो गया है।
फिलहाल राज्य में दूध की कीमत करीब 60 से 80 रुपये प्रति लीटर के बीच है। किसानों ने भैंस के दूध का नया भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का 80 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा भैंस के दूध से बने घी की कीमत 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तय करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
क्यों बढ़ाना चाहते हैं किसान दूध के दाम?
चारा और पशुपालन की लागत में भारी इजाफा
डेयरी किसानों का कहना है कि पशुओं को पालने का खर्च पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गया है। पशु आहार, सूखा और हरा चारा, खल, गुड़, दवाइयां, मजदूरी और परिवहन जैसी लागत बढ़ने से छोटे और सीमांत किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय चलाना मुश्किल हो रहा है।किसानों के अनुसार, पशु आहार की कीमत पहले करीब 1,800 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 2,600 से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।
इसी तरह सूखा चारा भी पहले करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, जबकि अब इसकी कीमत लगभग 1,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
क्या नए दूध के दाम तय हो चुके हैं?
10 सितंबर की बैठक में लिया जाएगा अंतिम फैसला
अभी दूध की नई कीमतें अंतिम रूप से तय नहीं हुई हैं। करनाल के नरूखेड़ी गांव में डेयरी किसानों की बैठक में भैंस के दूध का भाव 100 रुपये और गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर रखने का प्रस्ताव रखा गया।
किसान 10 सितंबर को एक और बैठक करेंगे। इसमें आम लोगों से मिली प्रतिक्रिया पर चर्चा की जाएगी और उसके बाद अंतिम निर्णय लेने की बात कही गई है।
कैथल के पुंडरी समेत अन्य गांवों में भी डेयरी किसानों की बैठकें हो चुकी हैं। पुंडरी में किसानों ने पशु आहार की बढ़ती कीमतों पर चर्चा करते हुए दूध के दाम बढ़ाने की मांग का समर्थन किया।
दूध महंगा हुआ तो उपभोक्ताओं पर कितना असर पड़ेगा?
दही, पनीर और घी की कीमतें भी बढ़ने की आशंका
यदि भैंस के दूध की कीमत 100 रुपये और गाय के दूध की 80 रुपये प्रति लीटर तय होती है, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ेगा।
जो परिवार रोजाना दूध खरीदते हैं, उनके लिए प्रति लीटर 10 से 20 रुपये की अतिरिक्त कीमत भी महीने के कुल खर्च में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
दूध के दाम बढ़ने का असर केवल दूध तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। दही, पनीर, घी, मिठाइयों और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इन उत्पादों के उत्पादन में दूध प्रमुख कच्चा माल है।
किसानों को दूध बेचने पर कितना मिलता है?
बिचौलियों की भूमिका पर भी सवाल
डेयरी किसानों का कहना है कि समस्या केवल बाजार में दूध की अंतिम कीमत की नहीं है, बल्कि उन्हें मिलने वाली राशि भी महत्वपूर्ण है।
किसानों के मुताबिक, छोटे पशुपालकों से बिचौलिए करीब 45 से 70 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदते हैं और इसे बाजार में 60 से 80 रुपये प्रति लीटर तक बेचते हैं। किसानों का कहना है कि इससे वास्तविक मूल्य का बड़ा हिस्सा उनके पास नहीं पहुंचता।
उनका तर्क है कि पशु खरीदने से लेकर उनके चारे, देखभाल, पशु चिकित्सा, मजदूरी और परिवहन तक का खर्च किसान खुद उठाते हैं, लेकिन दूध की बिक्री से मिलने वाला मुनाफा उनके निवेश की तुलना में पर्याप्त नहीं है।
पशु खरीदने में भी लाखों का खर्च
किसानों ने निवेश और आमदनी के बीच अंतर बताया
किसानों के अनुसार, अच्छी नस्ल की भैंस खरीदने पर करीब 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। वहीं, एक गाय की कीमत लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक बताई गई है।
किसानों का कहना है कि पशुओं में इतना बड़ा निवेश करने के बाद भी चारा, इलाज और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा दूध कीमतों पर पर्याप्त रिटर्न हासिल करना चुनौती बनता जा रहा है।
Key Highlights:
- हरियाणा में दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
- फिलहाल दूध की कीमत 60 से 80 रुपये प्रति लीटर के बीच है।
- भैंस के दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर का प्रस्ताव रखा गया है।
- गाय के दूध की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव है।
- भैंस के दूध से बने घी के लिए 1,500 रुपये प्रति किलो का प्रस्ताव है।
- किसानों ने बढ़ती पशु आहार और चारे की लागत को कीमत बढ़ाने का मुख्य कारण बताया है।
- पशु आहार की कीमत 1,800 से बढ़कर 2,600-2,700 रुपये प्रति क्विंटल होने का दावा है।
- सूखे चारे की कीमत करीब 600 से बढ़कर 1,100 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है।
- 10 सितंबर को जनता की प्रतिक्रिया पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- दूध महंगा होने पर दही, पनीर, घी और मिठाइयों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
FAQ Section:
सवाल: हरियाणा में दूध की मौजूदा कीमत कितनी है?
जवाब: राज्य में दूध की मौजूदा कीमत करीब 60 से 80 रुपये प्रति लीटर के बीच बताई गई है।
सवाल: भैंस के दूध की प्रस्तावित कीमत कितनी है?
जवाब: डेयरी किसानों ने भैंस के दूध की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव रखा है।
सवाल: गाय के दूध का नया प्रस्तावित भाव क्या है?
जवाब: किसानों ने गाय के दूध की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव दिया है।
सवाल: क्या दूध की नई कीमतें अंतिम रूप से तय हो गई हैं?
जवाब: नहीं। 10 सितंबर को होने वाली बैठक में जनता की प्रतिक्रिया पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाना है।
सवाल: किसान दूध की कीमत क्यों बढ़ाना चाहते हैं?
जवाब: किसानों का कहना है कि पशु आहार, चारा, दवाइयों, मजदूरी और परिवहन की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे डेयरी पालन की लागत बढ़ गई है।
सवाल: दूध महंगा होने से किन उत्पादों पर असर पड़ सकता है?
जवाब: दूध की कीमत बढ़ने पर दही, पनीर, घी, मिठाइयों और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं।
Conclusion:
हरियाणा में दूध के संभावित दाम बढ़ाने का मुद्दा अब किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। किसान बढ़ती लागत और कम मुनाफे का हवाला देकर भैंस के दूध के लिए 100 और गाय के दूध के लिए 80 रुपये प्रति लीटर की मांग कर रहे हैं। हालांकि, नई कीमतों पर अंतिम फैसला अभी बाकी है और 10 सितंबर की बैठक में जनता की प्रतिक्रिया पर विचार किया जाएगा। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका असर सीधे घरेलू बजट के साथ-साथ अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
