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Rahul Gandhi की सद्भाव यात्रा में एंट्री से हरियाणा कांग्रेस की राजनीति गरमाई
Brijendra Singh के साथ मंच साझा करने से हुड्डा परिवार की पकड़ पर उठे सवाल
हरियाणा की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुग्राम में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल हुए। इस कदम को राज्य कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हरियाणा की राजनीति शुक्रवार को उस समय गरमा गई, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता Rahul Gandhi आधिकारिक तौर पर पूर्व हिसार सांसद Brijendra Singh की “सद्भाव यात्रा” में शामिल हुए।
हालांकि इस यात्रा को सार्वजनिक रूप से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन राहुल गांधी की बृजेंद्र सिंह के साथ मौजूदगी को हरियाणा कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे हुड्डा परिवार के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को चुनौती देने वाला कदम माना जा रहा है।
‘हुड्डा फैक्टर’ पर टिकी नजरें
अब सबकी निगाहें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda पर टिकी हैं।राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान की ओर से एक तरह के “औपचारिक संदेश” के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Rao Narender ने आज के कार्यक्रम की जानकारी हुड्डा को आधिकारिक तौर पर भेजी है।
अब तक हुड्डा खेमे ने सद्भाव यात्रा से दूरी बनाए रखी थी।
‘निजी पहल’ बताकर किया था अलगाव
हुड्डा समर्थक पहले बृजेंद्र सिंह की 90 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा को “व्यक्तिगत पहल” बताते रहे हैं और इसे पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम मानने से इनकार करते रहे।
लेकिन अब राहुल गांधी की भागीदारी ने इस यात्रा को सीधे कांग्रेस नेतृत्व के समर्थन से जोड़ दिया है।
हुड्डा खेमे के सामने दुविधा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के कार्यक्रम में शामिल होना हुड्डा के लिए बृजेंद्र सिंह को बराबरी का नेता स्वीकार करने जैसा माना जाएगा। वहीं, कार्यक्रम से दूरी बनाए रखना राहुल गांधी के स्पष्ट समर्थन की खुली अवहेलना के रूप में देखा जा सकता है।
हरियाणा में उभर रहा नया नेतृत्व?
बृजेंद्र सिंह का उभार हरियाणा कांग्रेस में नए नेतृत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व IAS अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री Birender Singh के बेटे बृजेंद्र सिंह जाट बेल्ट में प्रभाव रखने वाले युवा और साफ छवि वाले नेता माने जाते हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान अब हरियाणा में नेतृत्व को एक ही गुट तक सीमित रखने के बजाय नए शक्ति केंद्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


