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Bharatiya Janata Party का यूपी में बड़ा राजनीतिक रीसेट संभव, कैबिनेट विस्तार और संगठन में फेरबदल की तैयारी
2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय, क्षेत्रीय और महिला समीकरण साधने में जुटी भाजपा
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अब उत्तर प्रदेश पर फोकस करने जा रहा है। पार्टी राज्य में संगठनात्मक बदलाव, कैबिनेट विस्तार और विभिन्न आयोगों-निगमों में नियुक्तियों के जरिए 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संतुलन बनाने की तैयारी में है।
Bharatiya Janata Party (भाजपा) का राष्ट्रीय नेतृत्व शनिवार को पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब Uttar Pradesh की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने जा रहा है। ऐसे में राज्य भाजपा इकाई 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक फेरबदल, कैबिनेट विस्तार और विभिन्न आयोगों व निगमों में खाली पदों पर नियुक्तियां जल्द हो सकती हैं। इसे भाजपा के लिए चुनाव से पहले जातीय, क्षेत्रीय और महिला समीकरणों को फिर से संतुलित करने का अंतिम बड़ा मौका माना जा रहा है।
बंगाल के बाद यूपी पर फोकस
Yogi Adityanath सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा:“पश्चिम बंगाल में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होते ही शीर्ष केंद्रीय नेता उत्तर प्रदेश पर ध्यान देंगे। संगठन में बदलाव, कैबिनेट विस्तार और विभिन्न निगमों-बोर्डों में नियुक्तियां लंबित हैं, हालांकि तीनों मोर्चों पर प्रारंभिक तैयारी पहले ही हो चुकी है।”
10 से 15 मई के बीच हो सकता है कैबिनेट विस्तार
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल 10 से 15 मई के बीच कभी भी हो सकता है।
करीब आधा दर्जन नेताओं के नाम मंत्री पद या जिम्मेदारियों में बदलाव के लिए चर्चा में हैं, हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, राजनीतिक संदेश भी
यह फेरबदल केवल प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी है।
लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा के सामाजिक गठबंधन में आई चुनौतियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का नया आकलन कर रहा है।
भाजपा विशेष रूप से उन सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जहां पार्टी का समर्थन कमजोर हुआ है या विपक्ष तेजी से अपना आधार बढ़ा रहा है।
किन वर्गों पर रहेगा फोकस?
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट में एक-दो महिलाओं को मंत्री बनाया जा सकता है। साथ ही निम्नलिखित समुदायों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर रहेगा:
- ब्राह्मण
- जाट
- गुर्जर
- कुर्मी
- पासी
- पाल
- वाल्मीकि समुदाय
किन नेताओं के नाम चर्चा में?
पूर्व यूपी भाजपा अध्यक्ष Bhupendra Chaudhary को मंत्री बनाए जाने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
इसके अलावा जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें शामिल हैं:
- Manoj Pandey
- Ashok Katariya
- Krishna Paswan
- Pooja Pal
संगठन में भी होंगे बदलाव
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
कई संगठनात्मक पद लंबे समय से चर्चा में हैं, जबकि अनेक आयोगों, बोर्डों और निगमों में नियुक्तियां अभी बाकी हैं। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को साधने की कोशिश करेगी।
ओबीसी, दलित और महिलाओं पर खास नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह पूरा अभियान खास तौर पर:
- ओबीसी समुदाय
- दलित वर्ग
- गैर-प्रभावशाली जातीय समूह
- महिलाओं
के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।
महिला प्रतिनिधित्व को भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा महिला कल्याण योजनाओं के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

