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Uttar Pradesh में 4,461 सहायक शिक्षकों की पदोन्नति चार साल से अटकी
भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण नहीं हो पा रही प्रोन्नति, कई शिक्षक रिटायरमेंट के करीब
उत्तर प्रदेश के 2,635 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 4,461 सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पिछले चार वर्षों से लंबित है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही और भर्ती परीक्षाओं में व्यस्तता के कारण पात्र शिक्षकों की सूची तक तैयार नहीं हो पाई है।
Uttar Pradesh के 2,635 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 4,461 सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पिछले चार वर्षों से ठप पड़ी है। बताया जा रहा है कि इसकी मुख्य वजह प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी मशीनरी का भर्ती परीक्षाओं में अत्यधिक व्यस्त होना है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पहले ही Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPSC) को पदोन्नति के लिए प्रस्ताव भेज दिए हैं। इनमें:
- बालिका शाखा में प्रवक्ता (लेक्चरर) के 1,821 पद
- बालक शाखा में 2,640 पद
हालांकि प्रभावित शिक्षकों का आरोप है कि 2022 से लगातार प्रयासों के बावजूद विभाग अभी तक उन सहायक शिक्षकों की पात्रता सूची अंतिम रूप नहीं दे पाया है, जो पदोन्नति के योग्य हैं।
भर्ती परीक्षाओं के कारण और बढ़ी देरी
शिक्षकों का कहना है कि UPPSC का भर्ती परीक्षाओं का व्यस्त कार्यक्रम भी देरी की बड़ी वजह है। सेवा नियमों के तहत जरूरी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आयोग के पास समय नहीं है।
इस लंबे गतिरोध के कारण शिक्षकों में भारी नाराजगी है। कई शिक्षक बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
Rameshwar Pandey, जो उत्तर प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ के संरक्षक हैं, ने कहा कि यह स्थिति माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और राज्य की पदोन्नति व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।
कई बार मांगी गई गोपनीय आख्या
शिक्षा निदेशालय ने बालिका शाखा में प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र महिला शिक्षकों की गोपनीय आख्या (Confidential Reports) संयुक्त शिक्षा निदेशकों से कई बार मांगी।
इसके लिए विभाग ने:
- 11 और 20 जुलाई 2023
- 16 मई और 10 जून 2024
- 30 सितंबर और 12 दिसंबर 2025
को पत्र भेजे।
लेकिन 1,821 रिक्त पदों के मुकाबले अब तक केवल लगभग 70 प्रतिशत पात्रता सूची ही तैयार हो पाई है। इसी कारण बालिका शाखा में पिछले सात वर्षों से पदोन्नतियां लंबित हैं।
बालक शाखा में भी अधूरी तैयारी
बालक शाखा में पहले 297 पदों की जानकारी आयोग को भेजी गई थी। बाद में 27 फरवरी को 2,343 अतिरिक्त रिक्तियों का नया प्रस्ताव भेजा गया, जिससे कुल रिक्त पदों की संख्या 2,640 हो गई।
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा निदेशालय अभी तक बालक शाखा के सहायक शिक्षकों की पात्रता सूची भी तैयार नहीं कर पाया है।
जब विभागीय अधिकारियों ने DPC बैठक की तारीख तय करने के लिए UPPSC से संपर्क किया, तो आयोग ने कथित तौर पर कहा कि कई भर्ती परीक्षाएं चलने के कारण फिलहाल तारीख तय करना संभव नहीं है।
पदोन्नति कोटे की स्थिति
सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में पदोन्नति कोटे के तहत कुल 5,409 प्रवक्ता पद स्वीकृत हैं, जिनमें:
- 2,343 पद बालिका शाखा में
- 3,066 पद बालक शाखा में
शामिल हैं।
हालांकि इनमें से बहुत कम पदों पर ही नियमित रूप से पदोन्नतियां हो सकी हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।


