Uttar Pradesh में बनेगा पहला नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, नेपाल सीमा से दक्षिण यूपी तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी

कुशीनगर-ज़मानिया और पिपरी-प्रयागराज हाईवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

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उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के पहले नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को दक्षिणी उत्तर प्रदेश से जोड़ना और सड़क संपर्क मजबूत करना है। इसके तहत दो बड़े हाईवे कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

Uttar Pradesh सरकार जल्द ही अपने प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत दो बड़े हाईवे मार्गों के निर्माण की शुरुआत करने जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को दक्षिणी उत्तर प्रदेश से बेहतर तरीके से जोड़ना है।

यह राज्य का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है, क्योंकि इससे पहले अधिकांश हाईवे परियोजनाएं पूर्व-पश्चिम दिशा को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं।

किन कॉरिडोरों को मिली मंजूरी?

पहला कॉरिडोर 220 किलोमीटर लंबा
KushinagarDeoria–दोहरीघाट–GhazipurZamania मार्ग है।

दूसरा कॉरिडोर 295 किलोमीटर लंबा
पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)–बांसी–Prayagraj मार्ग होगा।

कुशीनगर-ज़मानिया परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंजूरी मिली है, जबकि पिपरी-प्रयागराज परियोजना को 2026-27 में शुरू किया जाएगा।

क्या बोले अधिकारी?

लोक निर्माण विभाग (PWD) मुख्यालय-I के मुख्य अभियंता AK Dubey ने कहा:

“220 किलोमीटर लंबे कुशीनगर-ज़मानिया मार्ग में 163 किलोमीटर हिस्सा पहले से राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) के रूप में मौजूद है। बाकी 57 किलोमीटर में से 3.75 किलोमीटर चार लेन सड़क पहले से बनी हुई है और 53.25 किलोमीटर चार लेन सड़क को पिछले साल मंजूरी दी गई थी।”

उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा और सरकार ने परियोजनाओं के लिए धन भी स्वीकृत कर दिया है।

पिपरी-प्रयागराज कॉरिडोर की खासियत

पिपरी–बांसी–सिद्धार्थनगर–प्रयागराज कॉरिडोर का 187.6 किलोमीटर हिस्सा पहले से एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। बाकी 107.40 किलोमीटर हिस्से में से 9.40 किलोमीटर सड़क को पिछले साल मंजूरी मिली थी। शेष 98 किलोमीटर (टांडा–सुराहुपुर) में से 30 किलोमीटर हिस्से का प्रस्ताव इस वर्ष रखा गया है।

यह कॉरिडोर कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • Shamli-Gorakhpur Expressway
  • Purvanchal Expressway
  • Vindhyan Expressway

अन्य प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ मार्ग

राज्य सरकार ने मई 2025 में अधिकारियों को नेपाल सीमा से दक्षिण यूपी तक सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।

अन्य प्रस्तावित मार्गों में शामिल हैं:

  • 262 किमी: इकोना (श्रावस्ती) से प्रयागराज, अयोध्या और सुल्तानपुर के रास्ते
  • 502 किमी: लखीमपुर–सीतापुर–नवाबगंज–बांदा मार्ग
  • 547 किमी: बरेली से ललितपुर, आगरा और झांसी के रास्ते
  • 514 किमी: मुस्तफाबाद (Pilibhit Tiger Reserve) से हरपालपुर मार्ग

इनमें से कुछ हिस्से पहले से चार लेन सड़क हैं, जबकि बाकी हिस्सों को अपग्रेड और विकसित किया जाएगा।

 
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Edited By: Karan Singh

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