राम मंदिर चंदा मामले पर रणदीप सुरजेवाला का BJP पर हमला, दान में कथित गड़बड़ी के आरोपों पर मांगा जवाब

कांग्रेस सांसद ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान की पारदर्शिता पर उठाए सवाल, केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी निशाना साधा।

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग की।

राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं पर रणदीप सुरजेवाला का हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम भक्तों की भावनाओं से जुड़े इस मामले में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

उन्होंने यह बयान रविवार को शहर में आयोजित 'ब्राह्मण शक्ति सम्मेलन' कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।


भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई कुछ भूमि खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताएं हुईं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संपत्तियों की कीमतें खरीद से ठीक पहले असामान्य रूप से बढ़ गईं, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका पैदा होती है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रही हैं।


निर्माण कार्य और दान की पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल

सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण कार्य में कथित तौर पर कमीशनखोरी हुई।

इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए सोने-चांदी की ईंटों, आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं के संबंध में भी गंभीर सवाल उठे हैं।

उन्होंने कुछ विशेष दान सामग्री के कथित रूप से गायब होने का भी उल्लेख किया।


FIR और जवाबदेही को लेकर पूछे सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार दर्ज एफआईआर में केवल कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोप इतने गंभीर हैं तो ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई।


प्रधानमंत्री और सरकार की चुप्पी पर उठाया सवाल

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की चुप्पी भी सवाल खड़े करती है।

उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता की मांग

सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2021 में भी इस मुद्दे को उठाया था और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि वृंदावन और केदारनाथ जैसे अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।


Key Highlights:

  • रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
  • भूमि खरीद, निर्माण कार्य और दान में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए।
  • मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग की।
  • प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
  • कहा कि उन्होंने 2021 में भी यह मुद्दा उठाया था।
  • आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

FAQ Section

Q1. रणदीप सिंह सुरजेवाला ने क्या आरोप लगाए?

उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि खरीद, निर्माण कार्य और दान में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए।

Q2. यह बयान कहां दिया गया?

उन्होंने यह बयान एक 'ब्राह्मण शक्ति सम्मेलन' कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।

Q3. क्या इन आरोपों की पुष्टि हो चुकी है?

नहीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में विभिन्न पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।

Q4. सुरजेवाला ने सरकार से क्या मांग की?

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

Q5. उन्होंने इस मुद्दे को पहले भी उठाया था?

हाँ। सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2021 में भी यह मुद्दा उठाया था।


Conclusion

राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर रणदीप सिंह सुरजेवाला के बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। फिलहाल यह आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।Screenshot_3020

Edited By: Karan Singh

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