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श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया, SGPC ने एकता और नशामुक्ति का दिया संदेश
अमृतसर में धार्मिक समागम का आयोजन, जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सिख समुदाय से श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा बनाए रखने और युवाओं को नशे से दूर रखने का आह्वान किया।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में सिख समुदाय की एकता, न्याय और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने रविवार को अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस धार्मिक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया।
समारोह में SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह सहित कई प्रमुख सिख हस्तियां शामिल हुईं।
अखंड पाठ और गुरबाणी कीर्तन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई। इसके बाद हजूरी रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।इस दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।
न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा का प्रतीक है श्री अकाल तख्त साहिब
समारोह को संबोधित करते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सिख समुदाय को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि छठे सिख गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के उद्देश्य से की थी।
उन्होंने कहा कि जब सांसारिक शक्तियां न्याय देने में विफल हो जाती हैं, तब गुरु का तख्त मानवाधिकारों और न्याय की रक्षा का सर्वोच्च केंद्र बना रहता है।
सिख समुदाय से एकता बनाए रखने की अपील
ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाली शक्तियां समय के साथ समाप्त हो गईं, जबकि यह संस्था आज भी अपनी गरिमा और परंपरा के साथ कायम है।
उन्होंने सिख समुदाय से श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा, सर्वोच्चता और निर्देशों का पूरी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ पालन करने का आह्वान किया।
युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश
अपने संबोधन में उन्होंने सिख समाज के सामने मौजूद समकालीन चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती श्री अकाल तख्त साहिब के मार्गदर्शन में एकजुट रहने में है।
साथ ही उन्होंने युवाओं को गुरबाणी, नाम सिमरन, सेवा और सिख मूल्यों से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि गुरु की शिक्षाओं से जुड़े युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकते हैं।
Key Highlights:
- अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया।
- समारोह में SGPC के वरिष्ठ पदाधिकारी और सिख धर्मगुरु शामिल हुए।
- अखंड पाठ और गुरबाणी कीर्तन का आयोजन किया गया।
- ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने न्याय, एकता और मानवाधिकारों पर जोर दिया।
- युवाओं को नशे से दूर रखने और सिख मूल्यों से जोड़ने की अपील की गई।
FAQ Section
Q1. श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस कहां मनाया गया?
अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में स्थापना दिवस मनाया गया।
Q2. समारोह का आयोजन किसने किया?
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कार्यक्रम का आयोजन किया।
Q3. कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज, ज्ञानी टेक सिंह और अन्य प्रमुख सिख हस्तियां शामिल हुईं।
Q4. समारोह में क्या संदेश दिया गया?
सिख समुदाय की एकता, न्याय की रक्षा और युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश दिया गया।
Q5. श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना किसने की थी?
सिख परंपरा के अनुसार, छठे सिख गुरु गुरु हरगोबिंद साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना की थी।
Conclusion
श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस सिख परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। समारोह के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में एकता, न्याय और नशामुक्त जीवन के संदेश पर विशेष जोर दिया गया।

