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पवित्र काली बेईं कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ की तैयारियां तेज, 12 से 16 जुलाई तक होंगे धार्मिक और पर्यावरणीय कार्यक्रम
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने स्वयंसेवकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की, पर्यावरण संरक्षण सम्मेलन और कार सेवा में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील।
पवित्र काली बेईं कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर 12 से 16 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक और पर्यावरणीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्यसभा सांसद एवं पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं और युवाओं से कार सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
पवित्र काली बेईं कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ की तैयारियां अंतिम चरण में
पंजाब में पवित्र काली बेईं की कार सेवा (स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा) की 26वीं वर्षगांठ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर 12 से 16 जुलाई तक धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने स्वयंसेवकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और श्रद्धालुओं से कार सेवा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण सम्मेलन का होगा आयोजन
संत सीचेवाल ने बताया कि 12 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा विषय पर एक राष्ट्रीय स्तर का पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।इस सम्मेलन में देशभर से:
- पर्यावरण विशेषज्ञ
- शिक्षाविद्
- सामाजिक कार्यकर्ता
- विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां
भाग लेंगी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने विचार साझा करेंगी।
16 जुलाई को होगा मुख्य समारोह
उन्होंने बताया कि वर्षगांठ का मुख्य समारोह 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान कार सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
लगातार चल रही है सफाई और सौंदर्यीकरण की कार सेवा
वर्षगांठ से पहले स्वयंसेवक और श्रद्धालु लगातार पवित्र काली बेईं के किनारों की सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
प्रतिदिन विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर कार सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।
संत सीचेवाल ने की अधिक भागीदारी की अपील
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के श्रद्धालुओं, युवाओं तथा सामाजिक और धार्मिक संगठनों से सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर कार सेवा में भाग लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और गुरु साहिब के चरणों से पवित्र हुई इस ऐतिहासिक धरती की सेवा करने का एक विशेष अवसर है।
165 किलोमीटर लंबी है पवित्र काली बेईं
पवित्र काली बेईं लगभग 165 किलोमीटर लंबी जलधारा है।
यह होशियारपुर जिले के मुकेरियां क्षेत्र से निकलती है, कपूरथला जिले से होकर सुल्तानपुर लोधी पहुंचती है और आगे चलकर ब्यास नदी में मिल जाती है।
Key Highlights:
- 12 से 16 जुलाई तक मनाई जाएगी पवित्र काली बेईं कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ।
- संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने तैयारियों की समीक्षा की।
- 12 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन होगा।
- 16 जुलाई को मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
- स्वयंसेवक लगातार सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य में जुटे हैं।
- श्रद्धालुओं और युवाओं से सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर कार सेवा में भाग लेने की अपील।
- काली बेईं 165 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जलधारा है।
FAQ Section
Q1. पवित्र काली बेईं कार सेवा की वर्षगांठ कब मनाई जाएगी?
12 से 16 जुलाई तक 26वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Q2. मुख्य समारोह कब होगा?
मुख्य समारोह 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।
Q3. 12 जुलाई को कौन-सा विशेष कार्यक्रम होगा?
पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
Q4. कार सेवा में किसे भाग लेने की अपील की गई है?
श्रद्धालुओं, युवाओं तथा सामाजिक और धार्मिक संगठनों से कार सेवा में भाग लेने की अपील की गई है।
Q5. काली बेईं का धार्मिक और भौगोलिक महत्व क्या है?
काली बेईं 165 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक जलधारा है, जो मुकेरियां से निकलकर सुल्तानपुर लोधी होते हुए ब्यास नदी में मिलती है और सिख इतिहास में विशेष महत्व रखती है।
Conclusion
पवित्र काली बेईं कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा शुरू किया गया यह अभियान स्वच्छ जलधाराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।

