बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलने का आरोप, एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट ने पंजाब सरकार पर उठाए सवाल

संगठन का दावा- पिछले साल बाढ़ में क्षतिग्रस्त 331 मकानों के प्रभावित परिवार अब भी राहत का इंतजार कर रहे हैं, जल्द मुआवजे की मांग।

On

एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह शाकरी ने पंजाब सरकार पर पिछले वर्ष की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के राहत राशि जारी करने की मांग की।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के मुआवजे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना

एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह शाकरी ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें अब तक सरकार की ओर से घोषित मुआवजा नहीं मिला है।

रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।


बाढ़ में फसलों और मकानों को हुआ था नुकसान

रणजीत सिंह शाकरी ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ से जिले में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी।

उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हुईं और कई गरीब परिवारों के मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

उनके अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की थी।


प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे नहीं होने का आरोप

शाकरी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद किसी सरकारी अधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने या क्षतिग्रस्त मकानों का विवरण जुटाने के लिए दौरा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित परिवारों में सरकार के प्रति निराशा और नाराजगी बढ़ी है।

इन आरोपों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।


संगठन ने 331 क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करने का दावा किया

रणजीत सिंह शाकरी के अनुसार, जब प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के सदस्यों ने स्वयं सर्वे किया।

उन्होंने दावा किया कि सर्वे के दौरान जिले में 331 ऐसे मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया, जिनमें बाढ़ के कारण मकान ढह गए थे।


आवेदन स्वीकार नहीं करने का भी लगाया आरोप

शाकरी ने आरोप लगाया कि संगठन ने 331 प्रभावित परिवारों की ओर से सामूहिक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में अधिकारियों ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद 6 जनवरी 2026 को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) ने आवेदन स्वीकार किए।


प्रभावित परिवारों को जल्द राहत देने की मांग

संगठन ने मांग की कि सरकार सर्वे कराकर सभी पात्र परिवारों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराए, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।


Key Highlights:

  • एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट ने बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाया।
  • प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह शाकरी ने सरकार से तत्काल राहत देने की मांग की।
  • संगठन का दावा- जिले में 331 क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे किया गया।
  • सरकारी अधिकारियों द्वारा सर्वे नहीं किए जाने का आरोप।
  • 6 जनवरी 2026 को DDPO को सामूहिक आवेदन सौंपने का दावा।
  • सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई।

FAQ Section

Q1. किस संगठन ने यह आरोप लगाया है?

एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट ने यह आरोप लगाया है।

Q2. संगठन की मुख्य मांग क्या है?

बाढ़ से प्रभावित परिवारों को बिना देरी के मुआवजा दिया जाए।

Q3. संगठन ने कितने क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करने का दावा किया?

संगठन ने 331 क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करने का दावा किया है।

Q4. आवेदन कब जमा किए गए?

संगठन के अनुसार, विरोध के बाद 6 जनवरी 2026 को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) को आवेदन सौंपे गए।

Q5. क्या सरकार ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है?

इस रिपोर्ट में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।


Conclusion

बाढ़ पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने में कथित देरी को लेकर एंटी-दलित दस्तान मूवमेंट ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजे की स्थिति पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।Screenshot_3027

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे में 607 शिक्षकों की ड्यूटी का DTF ने किया विरोध, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग

Advertisement

नवीनतम

ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे में 607 शिक्षकों की ड्यूटी का DTF ने किया विरोध, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे में 607 शिक्षकों की ड्यूटी का DTF ने किया विरोध, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे के लिए 607 शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया...
अहमदगढ़ नगर परिषद को मिला नया नेतृत्व, AAP के कमलजीत सिंह उभी बने अध्यक्ष और स्वीटी ककरिया उपाध्यक्ष निर्वाचित
पिंजौर में हत्या आरोपियों की सार्वजनिक परेड पर कोर्ट सख्त, पंचकूला पुलिस आयुक्त को जांच के आदेश
लुधियाना के लक्ष्य शर्मा का राष्ट्रीय बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन, ऑल इंडिया इंटर-इंस्टीट्यूशनल चैंपियनशिप में जीते दो स्वर्ण पदक
शाहाबाद के मिरी-पीरी मेडिकल संस्थान में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 3 महीने से वेतन न मिलने पर OPD सेवाएं प्रभावित
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software