धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CPI नेताओं का एकदिवसीय अनशन, परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

पट्टी के वेरका डेयरी चौक पर प्रदर्शन, सोनम वांगचुक के समर्थन में बैठे CPI कार्यकर्ता; परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर उठाए सवाल।

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पट्टी के वेरका डेयरी चौक पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय भूख हड़ताल कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा पेपर लीक के कथित मामलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।

CPI का एकदिवसीय अनशन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पट्टी के वेरका डेयरी चौक पर एकदिवसीय भूख हड़ताल आयोजित कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

यह प्रदर्शन प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में महावीर सिंह गिल, कराज सिंह, सेवा सिंह उबोके, वजीर सिंह परास, दिलबाग सिंह बमराह, बलकार सिंह, सतनाम सिंह भुल्लर, गुरदियाल सिंह, जगराज सिंह, रोहित शर्मा सहित कई अन्य नेता शामिल हुए।


परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान CPI नेता महावीर सिंह गिल ने आरोप लगाया कि देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय कर रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं, जिनमें UPSC और NEET जैसी परीक्षाओं का भी उल्लेख किया गया, में पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।


प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ने का दावा

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उच्च स्तरीय परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के कारण अयोग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सकता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं में प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक साक्ष्य इस रिपोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया है।


केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री को ठहराया जिम्मेदार

प्रदर्शनकारियों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना की।

उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि केंद्रीय मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाया जाए और पूरे मामले की आपराधिक जांच कराई जाए।

इन मांगों और आरोपों पर केंद्र सरकार या केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।


Key Highlights:

  • पट्टी में CPI नेताओं ने एकदिवसीय भूख हड़ताल की।
  • प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
  • सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित हुआ प्रदर्शन।
  • प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा पेपर लीक के कथित मामलों पर चिंता जताई।
  • केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की गई।
  • सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई।

FAQ Section

Q1. यह प्रदर्शन किसने आयोजित किया?

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन आयोजित किया।

Q2. प्रदर्शन कहां हुआ?

पट्टी के वेरका डेयरी चौक पर एकदिवसीय भूख हड़ताल की गई।

Q3. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा अनियमितताओं की जांच की मांग।

Q4. प्रदर्शन किसके समर्थन में किया गया?

प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

Q5. क्या सरकार ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है?

इस रिपोर्ट में केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।


Conclusion

पट्टी में आयोजित CPI के इस प्रदर्शन के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।Screenshot_3028

Edited By: Karan Singh

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