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पंजाब में हर दिन औसतन आठ महिलाओं की कैंसर से मौत, आंकड़े चिंताजनक
राज्यसभा में केंद्र सरकार ने साझा किया डेटा, ब्रेस्ट कैंसर बना सबसे बड़ा कारण
केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पंजाब में हर साल करीब 2,700 महिलाओं की कैंसर से मौत हो रही है। महिला कैंसर मौतों में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्सेदारी सबसे अधिक दर्ज की गई है।
पंजाब में महिलाओं के बीच कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। हाल ही में संसद के सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार राज्य में हर दिन औसतन लगभग आठ महिलाओं की कैंसर से मौत हो रही है, जिससे वार्षिक मृत्यु संख्या करीब 2,700 तक पहुंच रही है।
ये आंकड़े राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (NCDIR) द्वारा संकलित किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच पंजाब में महिलाओं में होने वाली कुल 13,299 कैंसर मौतों में से 7,186 मौतें (56%) ब्रेस्ट कैंसर के कारण हुईं, जो सबसे चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
इसके अलावा, सर्वाइकल कैंसर से 3,502 महिलाओं की मौत दर्ज की गई, जबकि ओवेरियन कैंसर के कारण 2,611 महिलाओं की जान गई।
पड़ोसी राज्यों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। हरियाणा में ब्रेस्ट कैंसर से मौतों की संख्या 2021 में 1,652 से बढ़कर 2025 में 1,738 हो गई, वहीं हिमाचल प्रदेश में यह संख्या 433 से बढ़कर 442 तक पहुंच गई।
सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में भी पूरे क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पंजाब में यह आंकड़ा 2021 में 691 से बढ़कर 2025 में 710, हरियाणा में 1,148 से बढ़कर 1,208, जबकि हिमाचल प्रदेश में 163 से बढ़कर 166 हो गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच, जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती इलाज से इन मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। बढ़ते आंकड़े यह संकेत देते हैं कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान और प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है।
