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निशान-ए-सिखी संस्थान बन रहा ग्रामीण युवाओं के लिए उम्मीद की किरण
यूपीएससी और राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, पूरी तरह प्रायोजित प्रशिक्षण
बाबा सेवा सिंह के नेतृत्व में संचालित निशान-ए-सिखी चैरिटेबल संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण युवाओं को सिविल सेवा परीक्षाओं की निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर प्रदान कर रहा है।
बाबा सेवा सिंह के नेतृत्व में संचालित निशान-ए-सिखी चैरिटेबल संस्थान क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। यह संस्थान विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान कर रहा है, विशेष रूप से यूपीएससी और राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए।
संस्थान द्वारा संचालित सिविल सेवा परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवाओं को सशक्त बनाना है। यहां कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए एक विशेष ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है, जिसे बीए (सामाजिक अध्ययन) पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा गया है। इससे विद्यार्थी अपनी स्नातक पढ़ाई के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षाओं की संरचित तैयारी कर सकते हैं।
प्रशिक्षण केंद्र में कठोर और अनुशासित शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें विषय ज्ञान, भाषा दक्षता और संप्रेषण कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षण के तीसरे वर्ष में विद्यार्थियों को ‘टारगेट बैच’ में शामिल किया जाता है, जहां उन्हें गहन मार्गदर्शन, नियमित परीक्षाएं और मूल्यांकन की सुविधा मिलती है।
चौथे वर्ष में विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषयों की ऑनलाइन कोचिंग तथा पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे सिविल सेवा प्रवेश परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
इसके अलावा, बाहरी स्नातक या स्नातक अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से ‘टारगेट बैच’ में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है।
संस्थान के निदेशक और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के पूर्व डीन (अकादमिक कार्य) कमलजीत सिंह ने बताया कि यह संपूर्ण कोचिंग कार्यक्रम निशान-ए-सिखी चैरिटेबल ट्रस्ट, खडूर साहिब द्वारा पूरी तरह प्रायोजित है, जिससे छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
