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प्रधानमंत्री मोदी के जालंधर दौरे से पंजाब में भाजपा को मिला सियासी संबल
डेरा सचखंड बल्लां यात्रा के संयोजन में अविनाश चंदर रहे चर्चा में, राज्यपाल कटारिया ने राजनीतिक सवालों से बनाई दूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया जालंधर दौरे ने पंजाब में भाजपा को नई ऊर्जा दी। वहीं, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नशे के खिलाफ अपनी पदयात्रा पर फोकस रखते हुए राजनीतिक विवादों से दूरी बनाए रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले सप्ताह हुए जालंधर दौरे ने पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को एक आवश्यक राजनीतिक बढ़त दी है, जहां पार्टी अब भी ठोस चुनावी सफलता की तलाश में है। इस अवसर पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ भाजपा नेता प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद रहे और बाद में उनके साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी शामिल हुए, जो हालिया साक्षात्कारों में भाजपा की निर्णय प्रक्रिया को लेकर आलोचनात्मक रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच दो बार के पूर्व विधायक अविनाश चंदर खास तौर पर चर्चा में रहे। उन्होंने डेरा सचखंड बल्लां और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के बीच समन्वयक की भूमिका निभाते हुए 1 फरवरी को दलित समुदाय के इस डेरा में प्रधानमंत्री के दौरे की योजना तैयार करने में अहम योगदान दिया।
वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल हुए अविनाश चंदर ने कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन भी किया और वे एकमात्र नेता रहे जिनका उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में किया, जिससे उनकी राजनीतिक सक्रियता को विशेष पहचान मिली।
इस बीच, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, जिन्होंने हाल ही में 9 फरवरी से सीमावर्ती तीन जिलों में नशे के खिलाफ चार दिवसीय पदयात्रा की घोषणा की है, ने राजनीतिक मुद्दों से दूरी बनाए रखी। मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों के राजनीतिक सवालों को टालते हुए पूरा ध्यान अपने नशा विरोधी अभियान पर केंद्रित रखा।
राज्यपाल से केंद्रीय बजट 2026-27 में पंजाब की कथित उपेक्षा को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आरोपों, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों और यूटी चंडीगढ़ से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने इन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा,
“एक राज्यपाल के रूप में राजनीतिक नेताओं के बयानों पर टिप्पणी करना मेरा काम नहीं है। इसके लिए अन्य लोग हैं।”
कटारिया ने पत्रकारों से अपील की कि नशे जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए और इसकी गंभीरता को कम न आंका जाए। जब उनसे आम आदमी पार्टी सरकार के नशा विरोधी प्रयासों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना की।
