तरनतारन में ‘जीवन ज्योत 2.0’ अभियान की बड़ी कार्रवाई, भीख मांगते 10 बच्चों को कराया गया रेस्क्यू

कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर के मार्गदर्शन में ‘जीवन ज्योत 2.0’ के तहत बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान चलाया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया।

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तरनतारन में बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए अभियान में 10 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने के बाद उनके परिवारों को सौंपा गया।

तरनतारन जिले में बच्चों को भीख मांगने और बाल मजदूरी से दूर रखने के लिए ‘जीवन ज्योत 2.0’ अभियान के तहत विशेष कार्रवाई की गई। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री बलजीत कौर के मार्गदर्शन में श्री दरबार साहिब, तरनतारन और गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में अभियान चलाया गया।

इस कार्रवाई के दौरान जिले की एंटी-चाइल्ड बेगिंग एंड चाइल्ड लेबर टास्क फोर्स ने 10 बच्चों को रेस्क्यू किया। बाद में सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।

10 बच्चों का किया गया रेस्क्यू

अभियान के दौरान रेस्क्यू किए गए 10 बच्चों को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय स्थित कमरा नंबर 307 में बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया।

बच्चों और उनके परिवारों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद समिति ने सभी बच्चों को मौके पर ही उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।

अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान

पूरी कार्रवाई जिला स्तरीय एंटी-चाइल्ड बेगिंग एंड चाइल्ड लेबर टास्क फोर्स ने की। अभियान डिप्टी कमिश्नर राहुल और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) अनुप्रिया सिंह की निगरानी में चलाया गया, जबकि जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार ने अभियान का नेतृत्व किया।

जिलेभर में जारी रहेगी जांच

जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ‘जीवन ज्योत 2.0’ के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों को भिक्षावृत्ति या बाल मजदूरी से निकालना ही नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करना भी है। अधिकारियों की कोशिश रहेगी कि रेस्क्यू किए गए बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और वे शिक्षा के जरिए अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बना सकें।

दरबार साहिब प्रबंधन से भी सहयोग की अपील

अभियान के दौरान टास्क फोर्स ने श्री दरबार साहिब की प्रबंधन समिति के साथ बैठक भी की। समिति के सदस्यों से अपील की गई कि वे परिसर में भीख मांगने वाले बच्चों और उनके परिवारों की पहचान करने में सहयोग करें।

ऐसे बच्चों और उनके परिवारों को बाल कल्याण समिति, तरनतारन के सामने पेश करने के लिए भी प्रबंधन से सहयोग मांगा गया।

आंगनवाड़ी और स्कूल से जोड़े जाएंगे बच्चे

अधिकारियों ने बताया कि जिन बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकरण नहीं हुआ है, उनका संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के साथ समन्वय कर पंजीकरण कराया जाएगा।

इसी तरह स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनका पुनः दाखिला कराया जाएगा।

बाल तस्करी रोकना भी अभियान का लक्ष्य

‘जीवन ज्योत’ परियोजना का मुख्य उद्देश्य भीख मांगने और कचरा बीनने जैसे कामों में लगे बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू और पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

अभियान के जरिए बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी से बाहर निकालने के साथ-साथ बाल तस्करी को खत्म करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

Key Highlights:

  • तरनतारन में ‘जीवन ज्योत 2.0’ के तहत विशेष अभियान।
  • श्री दरबार साहिब और गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में कार्रवाई।
  • बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान।
  • 10 बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया।
  • दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बच्चों को माता-पिता को सौंपा गया।
  • स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा दाखिला दिलाने की तैयारी।
  • आंगनवाड़ी से बाहर बच्चों का पंजीकरण कराया जाएगा।
  • बाल तस्करी रोकना भी परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।

FAQ Section:

सवाल: ‘जीवन ज्योत 2.0’ अभियान क्या है?
जवाब: यह बच्चों को भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी और कचरा बीनने जैसे कामों से बाहर निकालकर उनके रेस्क्यू, पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा अभियान है।

सवाल: तरनतारन में अभियान के दौरान कितने बच्चों को रेस्क्यू किया गया?
जवाब: अभियान के दौरान कुल 10 बच्चों को रेस्क्यू किया गया।

सवाल: रेस्क्यू किए गए बच्चों को किसे सौंपा गया?
जवाब: बच्चों और उनके परिवारों के दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बाल कल्याण समिति ने उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया।

सवाल: बच्चों की शिक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
जवाब: आंगनवाड़ी से बाहर बच्चों का पंजीकरण कराया जाएगा और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल में दाखिल कराया जाएगा।

सवाल: ‘जीवन ज्योत’ परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जवाब: परियोजना का उद्देश्य बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी में लगे बच्चों की पहचान, रेस्क्यू और पुनर्वास करना तथा बाल तस्करी को खत्म करने की दिशा में काम करना है।

निष्कर्ष:
तरनतारन में ‘जीवन ज्योत 2.0’ के तहत चलाए गए अभियान में 10 बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी की स्थिति से बाहर निकालकर उनके परिवारों को सौंपा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के रेस्क्यू के साथ उनकी शिक्षा और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाएगा। जिले में ऐसे अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।Screenshot_1284

Edited By: Atul Sharma

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