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शहीद जनरल शमशेर सिंह अटारीवाला का 180वां शहादत दिवस मनाया गया
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने अटारी गांव को पर्यटन मानचित्र पर लाने की घोषणा की
सिख साम्राज्य के महान योद्धा शहीद जनरल शाम सिंह अटारीवाला का 180वां शहादत दिवस आज श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन इंडिया गेट स्थित जनरल शाम सिंह अटारीवाला स्मारक तथा अटारी समाध स्थल पर किया गया, जिसमें आम आदमी पार्टी के जिला नेतृत्व और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री ईटीओ ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार शाम सिंह अटारीवाला ने एंग्लो-सिख युद्ध के दौरान सबरांव (सुभरांव) के युद्ध में अंतिम सांस तक वीरतापूर्वक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी और शहादत की प्रशंसा अंग्रेजों ने भी की थी।
उन्होंने कहा,
“शहीद किसी भी राष्ट्र की सच्ची धरोहर होते हैं। उन्हें याद रखना और उनके योगदान का सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।”
मंत्री ने घोषणा की कि अटारी गांव को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत जनरल शाम सिंह अटारीवाला स्मारक और उसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा, ताकि लोग सिख इतिहास और वीरता से जुड़ सकें।
इतिहास में स्थान
जनरल शाम सिंह अटारीवाला का जन्म 1790 के दशक की शुरुआत में अटारी गांव में हुआ था। वे सिख साम्राज्य के एक निडर सेनानायक और महाराजा रणजीत सिंह की सेना के प्रमुख योद्धाओं में से एक थे।
उन्होंने मुल्तान, कश्मीर और अटक जैसे अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घुड़सवार युद्ध कौशल में उनकी विशेष दक्षता थी।
प्रथम एंग्लो-सिख युद्ध (1845–1846) के दौरान सबरांव के ऐतिहासिक युद्ध में उन्होंने वीरगति प्राप्त की और अंतिम समय तक रणभूमि नहीं छोड़ी।
अटारी गांव में स्थित किला अटारी, जो कभी उनके परिवार का निवास स्थान था, आज भी उनके गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं और लोगों ने शहीद जनरल शाम सिंह अटारीवाला के साहस, बलिदान और देशभक्ति को नमन किया।
