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खन्ना के मीट मार्केट क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की पहल, प्रशासन ने लिया गोद
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद बोले—‘युद्ध नशा विरुद्ध’ में जनता की भागीदारी जरूरी
नशे के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित खन्ना के मीट मार्केट क्षेत्र को सिविल और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से गोद लेकर पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है।
खन्ना में नशे की समस्या पर निर्णायक प्रहार करते हुए सिविल और पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को संयुक्त पहल के तहत मीट मार्केट क्षेत्र, जिसे नशा प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था, को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से गोद लिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और खन्ना के एसएसपी डॉ. दरपन अहलूवालिया ने स्थानीय निवासियों से नशे के खिलाफ एकजुट होने और राज्य सरकार के ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान को सफल बनाने की अपील की।
स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सिविल और पुलिस प्रशासन के आपसी समन्वय से एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
उन्होंने नशा पीड़ितों के परिजनों से सामाजिक झिझक और बदनामी के डर को छोड़कर इलाज के लिए आगे आने की अपील की। मंत्री ने कहा कि नशा पीड़ितों के उपचार के लिए नजदीकी सिविल अस्पतालों और आउट पेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) केंद्रों में समुचित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कैबिनेट मंत्री और एसएसपी ने व्यक्तिगत रूप से क्षेत्रवासियों से संवाद कर विश्वास बहाली का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन इलाकों की पहचान नशा सेवन और तस्करी के कारण खराब हुई है, उन्हें इस अभियान के पहले चरण में प्राथमिकता दी जाएगी।
महिलाओं की भूमिका को अहम बताते हुए मंत्री सोंद ने स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में स्वच्छता अभियान, हरियाली बढ़ाने, और बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल नशा रोकथाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समग्र सामाजिक सुधार की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी।
