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लुधियाना पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ तेज, 82 अपराधी गिरफ्तार
125 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी, 450 पुलिसकर्मी तैनात; नशा, हथियार और वाहन बरामद
संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे दिन 82 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान नशा, हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों पर निर्णायक प्रहार करते हुए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ को और तेज कर दिया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के विशेष दिशा-निर्देशों में चल रहे इस अभियान के दूसरे दिन बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती कर फरार और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
इस ऑपरेशन को उच्चस्तरीय फील्ड पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया, ताकि कार्रवाई पूरी तरह सटीक और प्रभावी रहे। आईजीपी (प्रोविजनिंग) डॉ. एस. बूपाथी और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर (CP) स्वपन शर्मा ने स्वयं ब्रीफिंग में भाग लिया और सलेम टाबरी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत कमिश्नरेट क्षेत्र में 450 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कुल 20 विशेष स्ट्राइक टीमें गठित की गईं, जिनमें से प्रत्येक टीम का नेतृत्व गजेटेड अधिकारी कर रहे थे।
इन टीमों ने 125 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिनमें अपराधियों के संभावित ठिकाने और संवेदनशील इलाके शामिल थे। इस सघन अभियान के दौरान 82 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें सक्रिय गैंगस्टर, वांछित अपराधी और तीन घोषित अपराधी (PO) शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की। इसमें
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122 ग्राम हेरोइन,
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5 ग्राम आइस (ICE) ड्रग,
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दो देसी पिस्तौल,
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17 मोबाइल फोन,
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सात दोपहिया वाहन,
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और शराब की छह पेटियां शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर ने दोहराया कि ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ एक सतत अभियान है, जिसका उद्देश्य शहर से अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में संगठित अपराध की वित्तीय और लॉजिस्टिक जड़ों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लुधियाना को अपराध मुक्त और सुरक्षित शहर नहीं बना दिया जाता।
