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विश्व पेपर बैग दिवस पर प्लास्टिक छोड़ने का संदेश, फगवाड़ा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान
फगवाड़ा एनवायरमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया विशेष कार्यक्रम, सिंगल-यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताए और कपड़े के थैले व डस्टबिन वितरित किए।
विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर फगवाड़ा एनवायरमेंट एसोसिएशन ने पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। कार्यक्रम में लोगों से सिंगल-यूज प्लास्टिक छोड़कर पेपर बैग और कपड़े के थैले अपनाने की अपील की गई।
विश्व पेपर बैग दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर फगवाड़ा एनवायरमेंट एसोसिएशन ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कचरा प्रबंधन (सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेड़ा रोड स्थित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन के अध्यक्ष केके सरदाना के संरक्षण और सचिव मलकियत सिंह रागबोटरा की देखरेख में किया गया।
सिंगल-यूज प्लास्टिक छोड़ने की अपील
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) रणदीप सिंह हीर ने लोगों से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने की अपील की।उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा आसानी से नष्ट नहीं होता और इसे जलाने पर निकलने वाली जहरीली गैसें स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्लास्टिक के थैले अक्सर नालियों और सीवरों को जाम कर देते हैं, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और सफाई संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
पेपर बैग और कपड़े के थैले अपनाने पर जोर
ADC ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को अपनी दैनिक जीवनशैली में पेपर बैग और दोबारा उपयोग किए जा सकने वाले कपड़े के थैलों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है और हर नागरिक की छोटी पहल बड़ा बदलाव ला सकती है।
कपड़े के थैले और डस्टबिन वितरित किए गए
जागरूकता अभियान के तहत वार्ड नंबर 21 के निवासियों को निःशुल्क कपड़े के थैले और डस्टबिन वितरित किए गए।
इसके अलावा, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के संदेश वाला एक जन-जागरूकता स्टिकर भी जारी किया गया।
गीले और सूखे कचरे को अलग करने की सलाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलकियत सिंह रागबोटरा और कृष्ण कुमार ने कहा कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना प्रभावी कचरा प्रबंधन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
उन्होंने बताया कि सही तरीके से कचरा अलग करने से रीसाइक्लिंग और वैज्ञानिक तरीके से निपटान आसान हो जाता है।
कम्पोस्टिंग के फायदे भी बताए गए
नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी प्रतिनिधि सुनीता शर्मा और आशा कुमारी ने प्रतिभागियों को कम्पोस्टिंग के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि घरों से निकलने वाले गीले कचरे को जैविक खाद (ऑर्गेनिक कम्पोस्ट) में बदला जा सकता है, जिसका उपयोग फूलों, किचन गार्डन और अन्य पौधों के लिए प्राकृतिक खाद के रूप में किया जा सकता है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम होती है।
Key Highlights:
- विश्व पेपर बैग दिवस पर फगवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- सिंगल-यूज प्लास्टिक छोड़ने और पेपर बैग अपनाने की अपील।
- वार्ड नंबर 21 के लोगों को कपड़े के थैले और डस्टबिन वितरित।
- प्लास्टिक प्रदूषण और उसके दुष्प्रभावों पर लोगों को किया जागरूक।
- गीले और सूखे कचरे के अलग-अलग संग्रह पर जोर।
- कम्पोस्टिंग के लाभों की दी गई जानकारी।
FAQ Section
प्रश्न 1: कार्यक्रम का आयोजन किस अवसर पर किया गया था?
विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रश्न 2: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और बेहतर कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करना।
प्रश्न 3: कार्यक्रम में लोगों को क्या वितरित किया गया?
वार्ड नंबर 21 के निवासियों को कपड़े के थैले और डस्टबिन निःशुल्क वितरित किए गए।
प्रश्न 4: कम्पोस्टिंग के बारे में क्या जानकारी दी गई?
घर के गीले कचरे से जैविक खाद तैयार कर उसे पौधों और किचन गार्डन में उपयोग करने की जानकारी दी गई।
Conclusion
विश्व पेपर बैग दिवस पर आयोजित यह अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक सिंगल-यूज प्लास्टिक छोड़कर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएं और घरों में कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करें, तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

