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एमएमयू में ‘यूनिफेस्ट 2025-26’ का समापन, 27 विश्वविद्यालयों के 1300 से अधिक छात्रों ने लिया भाग
पांच दिवसीय अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में कला, संस्कृति और रचनात्मकता का भव्य प्रदर्शन
महार्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में आयोजित 39वें अंतर-विश्वविद्यालय उत्तर-मध्य क्षेत्रीय युवा महोत्सव ‘यूनिफेस्ट 2025-26’ का शनिवार को समापन हुआ। महोत्सव में 27 विश्वविद्यालयों के 1300 से अधिक छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (AIU) के तत्वावधान में महार्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में आयोजित 39वें अंतर-विश्वविद्यालय उत्तर-मध्य क्षेत्रीय युवा महोत्सव ‘यूनिफेस्ट 2025-26’ का शनिवार को भव्य समापन हुआ। यह पांच दिवसीय महोत्सव युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उत्सव साबित हुआ।
महोत्सव में उत्तर-मध्य क्षेत्र के 27 विश्वविद्यालयों से आए 1300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं में संगीत, नृत्य, रंगमंच, ललित कला, साहित्यिक कला और लोक कलाओं से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा महोत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और आज के युवा नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मंत्री गंगवा ने युवाओं से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।
AIU के पर्यवेक्षक सोनी चुंडट्टू ने अपने संबोधन में इस महोत्सव को संस्कृति, रचनात्मकता और विविधता का जीवंत संगम बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने सभी प्रतिभागियों के मन और मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने युवाओं की कला प्रतिभा के साथ-साथ समाज को दिशा देने की उनकी क्षमता की भी सराहना की।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिश कुमार शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता और गरिमा काफी हद तक निर्णायकों की निष्पक्षता और ईमानदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा,
“हर अच्छी चीज़ का अंत होता है, लेकिन यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक भव्य उत्सव था। यह हमारी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और एकता को दर्शाता है।”
उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए महोत्सव की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी।
