सुरजकुंड हादसे के बाद हरियाणा में मेले और एडवेंचर राइड्स के लिए बनेगी देश की पहली नीति

सुरजकुंड हादसे के बाद हरियाणा में मेले और एडवेंचर राइड्स के लिए बनेगी देश की पहली नीति

On

सुरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे के बाद हरियाणा सरकार ने मेले और एडवेंचर राइड्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश की पहली व्यापक नीति बनाने की घोषणा की है।

फरीदाबाद के सुरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे के बाद एक बार फिर मेले और एडवेंचर राइड्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार ने देश की पहली व्यापक नीति बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत मेले और एडवेंचर राइड्स को नियमित किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन मंत्री एवं फरीदाबाद से विधायक विपुल गोयल ने कहा कि यह घटना हरियाणा, विशेषकर सुरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए अभूतपूर्व है और सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।

उन्होंने कहा, “हम हरियाणा, खासकर एनसीआर क्षेत्र को एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरंजन का केंद्र बनाना चाहते हैं। लेकिन सुरक्षा और संरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया और वेंडर के चयन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया गया था। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि देश में राइड सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रोटोकॉल मौजूद नहीं है

गोयल ने कहा, “आगे से बड़े आयोजनों में कई दिनों तक चलने वाली राइड्स और सेटअप का रोजाना निरीक्षण अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए वेंडर्स और संबंधित विभागों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तय किए जाएंगे।”

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मेले की राइड्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई तय नियम नहीं हैं

उन्होंने कहा, “न तो राइड्स के पूर्व निरीक्षण का कोई प्रावधान है और न ही राइड ऑपरेटरों की योग्यता और कौशल की जांच की जाती है। अधिकतर मामलों में प्रशासन वेंडर की पुरानी साख या हलफनामे पर ही भरोसा करता है।”

मेले में सुरक्षा को लेकर चिंताएं नई नहीं हैं। करीब एक महीने पहले एक ब्रिटिश नागरिक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक साधारण मेले की राइड पर बिना सेफ्टी बेल्ट या हार्नेस के झूलते हुए डर जाहिर करता दिखा था। वीडियो में यह भी सामने आया था कि सवार राइड के दौरान आसानी से नीचे उतर सकते थे।

हालांकि, सुरजकुंड हादसे के दौरान फरीदाबाद प्रशासन की तत्परता राहत देने वाली रही। प्रशासन ने महज 10 मिनट में सुव्यवस्थित निकासी अभियान चलाकर स्थिति को संभाल लिया, जिससे किसी बड़े हादसे या भगदड़ को टाला जा सका।Screenshot_1032

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

वल्लाह गोला-बारूद डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में कटौती की मांग, रक्षा मंत्री से मिले तरनजीत सिंह संधू

नवीनतम

वल्लाह गोला-बारूद डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में कटौती की मांग, रक्षा मंत्री से मिले तरनजीत सिंह संधू वल्लाह गोला-बारूद डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में कटौती की मांग, रक्षा मंत्री से मिले तरनजीत सिंह संधू
पूर्व अमेरिकी राजदूत और भाजपा नेता तरनजीत सिंह संधू ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अमृतसर के वल्लाह...
शहर में सीवर और जल निकासी समस्याओं पर सख्त हुए विधायक घनश्याम दास अरोड़ा
एमएमयू में ‘यूनिफेस्ट 2025-26’ का समापन, 27 विश्वविद्यालयों के 1300 से अधिक छात्रों ने लिया भाग
ईस्टर्न बाइपास से जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण न होने पर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी
जगाधरी में आईएमए हरियाणा का वार्षिक राज्य सम्मेलन, नई टीम ने संभाला कार्यभार
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software