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पानीपत में अतिक्रमण कार्रवाई पर विवाद के बाद बड़ा फैसला, Drain-1 किनारे DGPS से होगी नई पैमाइश
नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई पर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद 5 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास क्षेत्र में दावों की दोबारा जांच और नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा।
पानीपत में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सीमांकन पर उठे सवालों के बाद नगर निगम ने Drain-1 के किनारे नए सिरे से सत्यापन कराने का फैसला किया है। जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए DGPS मशीन से दोबारा सीमांकन किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर विरोध के बाद नगर निगम का बड़ा फैसला
पानीपत में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों की आपत्तियों के बाद नगर निगम ने विवादित क्षेत्रों का दोबारा सत्यापन कराने का फैसला किया है। नगर निगम अब Drain-1 के किनारे कथित अतिक्रमण वाले स्थानों का नए सिरे से सीमांकन करेगा।
जमीन की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने और सीमांकन को लेकर पैदा हुई भ्रम की स्थिति खत्म करने के लिए Differential Global Positioning System (DGPS) मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह निर्णय उस विशेष बैठक में लिया गया, जो 26 और 27 अगस्त को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद निवासियों की आपत्तियों को लेकर बुलाई गई थी।5 किलोमीटर लंबे बाईपास प्रोजेक्ट के लिए हटाया जा रहा अतिक्रमण
नगर निगम ने शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के लिए Drain-1 के किनारे करीब 5 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह प्रस्तावित बाईपास NH-44 को मित्तल मेगा मॉल से जोड़ेगा। परियोजना के लिए नगर निगम ने कथित अतिक्रमण वाले क्षेत्रों का सर्वे किया था और 237 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे।
26 और 27 अगस्त को हुई कार्रवाई के दौरान करीब 80 कथित अवैध निर्माणों को हटाया गया।
निवासियों ने सीमांकन पर उठाए सवाल
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई स्थानीय निवासियों ने नगर निगम अधिकारियों द्वारा किए गए सीमांकन पर आपत्ति जताई।
निवासियों का कहना था कि जमीन पर किए गए निशानों को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं थी। कई लोगों ने दोबारा सत्यापन और नए सिरे से सीमांकन की मांग की।
बैठक के दौरान कुछ निवासियों ने अधिकारियों के सामने अपनी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए और सीमांकन की प्रक्रिया की पुनः जांच की मांग रखी।
DGPS मशीन से होगी जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच
निवासियों की ओर से उठाए गए दावों और आपत्तियों पर विशेष बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में तय किया गया कि सभी दावों की दोबारा जांच की जाएगी। इसके साथ ही DGPS मशीन की मदद से जमीन का सीमांकन किया जाएगा, ताकि मौके पर वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सीमांकन को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति को कम किया जा सकेगा।
रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का होगा मिलान
नए सत्यापन के दौरान नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग जमीन की मौजूदा स्थिति का उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के साथ मिलान करेंगे।
इस प्रक्रिया में जिला नगर योजनाकार, नगर निगम और कार्यकारी अभियंता गोपाल कलावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
यदि जरूरत पड़ी तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के सहयोग से भी जमीन के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
मेयर कोमल सैनी की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक
अतिक्रमण और सीमांकन विवाद को लेकर आयोजित विशेष बैठक की अध्यक्षता पानीपत की मेयर कोमल सैनी ने की।
बैठक में नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज राव, तहसीलदार मनोज कुमार, नायब तहसीलदार वेद सैनी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान निवासियों की आपत्तियों और संपत्ति से जुड़े दावों पर विस्तार से विचार किया गया।
मेयर बोलीं- किसी को परेशान करना कार्रवाई का उद्देश्य नहीं
मेयर कोमल सैनी ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति को परेशान करना नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना और लोगों के हित में प्रस्तावित बाईपास सड़क का निर्माण सुनिश्चित करना इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है।
नगर निगम का कहना है कि दोबारा सत्यापन के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति के आधार पर की जाएगी।
Key Highlights:
- पानीपत में अतिक्रमण कार्रवाई के बाद निवासियों ने सीमांकन पर सवाल उठाए।
- नगर निगम ने सभी दावों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया।
- Drain-1 के किनारे DGPS मशीन से नया सीमांकन किया जाएगा।
- प्रस्तावित बाईपास की लंबाई करीब 5 किलोमीटर है।
- बाईपास को NH-44 से मित्तल मेगा मॉल तक जोड़ने की योजना है।
- नगर निगम ने कथित अतिक्रमण को लेकर 237 लोगों को नोटिस जारी किए थे।
- दो दिन की कार्रवाई में करीब 80 कथित अवैध निर्माण हटाए गए।
- रिकॉर्ड और जमीन की वास्तविक स्थिति का दोबारा मिलान किया जाएगा।
- जरूरत पड़ने पर HSVP अधिकारियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
FAQ Section:
पानीपत में दोबारा सीमांकन क्यों कराया जा रहा है?
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के सीमांकन पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद दावों की दोबारा जांच और नए सिरे से सीमांकन का फैसला लिया गया।
DGPS मशीन का इस्तेमाल क्यों किया जाएगा?
DGPS तकनीक की मदद से जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमाओं को अधिक सटीक तरीके से निर्धारित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सीमांकन को लेकर भ्रम की स्थिति दूर हो सके।
प्रस्तावित बाईपास कहां बनाया जाएगा?
नगर निगम ने Drain-1 के किनारे करीब 5 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने का प्रस्ताव दिया है, जो NH-44 को मित्तल मेगा मॉल से जोड़ेगा।
नगर निगम ने कितने लोगों को नोटिस जारी किए थे?
प्रस्तावित बाईपास परियोजना के लिए कथित अतिक्रमण के संबंध में नगर निगम ने 237 लोगों को नोटिस जारी किए थे।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में कितने निर्माण हटाए गए?
26 और 27 अगस्त को चलाए गए अभियान के दौरान करीब 80 कथित अवैध निर्माण हटाए गए थे।
Conclusion:
पानीपत में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद सीमांकन पर उठे सवालों को देखते हुए नगर निगम ने दोबारा जांच का रास्ता चुना है। DGPS मशीन से नए सिरे से सीमांकन और सरकारी रिकॉर्ड के साथ जमीन की स्थिति का मिलान होने के बाद विवादित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रस्तावित बाईपास परियोजना को लेकर यह प्रक्रिया आगे की कार्रवाई और निर्माण कार्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
