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अटारी के सरपंच का बड़ा आरोप: ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज उठाने पर तीसरी बार जानलेवा हमला
पाकिस्तान सीमा से सटे अटारी इलाके में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चला रहे सरपंच हरप्रीत सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, समर्थक के साथ हमले का लगाया आरोप।
पंजाब में सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी और नशे के बढ़ते खतरे के बीच अमृतसर के अटारी गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह ने ड्रग तस्करों से जुड़े लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। सरपंच का दावा है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन पर तीसरी बार हमला किया गया।
अटारी में ड्रग माफिया के खिलाफ अभियान चलाने वाले सरपंच पर हमले का आरोप
पंजाब में सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के बीच अमृतसर जिले के अटारी गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव में खुलेआम नशे की बिक्री और कथित तस्करी के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
हरप्रीत सिंह के अनुसार, ड्रग तस्करों से जुड़े लोगों ने उन पर और उनके एक समर्थक पर हमला किया। उन्होंने इसे अपनी जान लेने का तीसरा प्रयास बताया है।
अटारी क्षेत्र पाकिस्तान सीमा के निकट होने के कारण सीमा पार से होने वाली कथित ड्रग तस्करी को लेकर पहले भी चर्चा में रहा है। सरपंच का कहना है कि नशे के खिलाफ उनकी मुहिम के कारण कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े लोग उनसे नाराज हैं।जनवरी से अब तक अमृतसर में बड़ी मात्रा में हेरोइन और ICE बरामद
अमृतसर जिले में विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों की ओर से सीमा पार से तस्करी कर लाई गई नशीली सामग्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक अमृतसर (सिटी) पुलिस, अमृतसर (रूरल) पुलिस, काउंटर इंटेलिजेंस और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) सहित विभिन्न एजेंसियों ने अमृतसर जिले से पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई 426 किलोग्राम हेरोइन और 17 किलोग्राम ICE बरामद की है।
यह आंकड़ा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रग तस्करी की चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस और जिला प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप
सरपंच हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले दो कथित हमलों के बाद भी उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि उन्होंने पहले हुए कथित हमलों के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इसी वजह से उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन पर भरोसा कम होने की बात कही।
इंस्टाग्राम वीडियो में नशा कारोबार को लेकर लगाए आरोप
हरप्रीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी साझा किया है। वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों के नाम लेते हुए उन पर कथित रूप से खुलेआम ड्रग्स बेचने और पाकिस्तान से होने वाली नशा तस्करी से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
सरपंच ने कहा कि वह युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने के लिए अपना अभियान जारी रखेंगे और कथित धमकियों के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे।
गांव में नशे से कई लोगों की मौत का दावा
हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि अटारी गांव में नशे की लत के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे को प्रशासन और पुलिस के सामने उठा रहे हैं।
सरपंच के मुताबिक, बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कथित नशा कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भी चिंता है।
SSP बोले- वीडियो और आरोपों की जांच करेंगे
अमृतसर (रूरल) के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने सरपंच के वीडियो और आरोपों की जानकारी न होने की बात कही।
एसएसपी ने कहा कि सरपंच पहले कभी उनसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिले थे। उन्होंने बताया कि वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस की नीति ड्रग तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी तरह सख्त है और अवैध नशा कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के आंकड़े भी चिंताजनक
पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के तहत जारी आंकड़े भी राज्य में नशे की समस्या की व्यापकता को दर्शाते हैं।
अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से 29 जुलाई तक 4,000 से अधिक कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 71,919 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पंजाब सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए नशे की तस्करी और नशे की लत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, विशेषकर पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में।
Key Highlights:
- अटारी गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह ने ड्रग तस्करों से जुड़े लोगों पर हमले का आरोप लगाया।
- सरपंच ने इसे अपनी जान लेने का तीसरा प्रयास बताया।
- उनका दावा है कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
- जनवरी से अमृतसर जिले में 426 किलोग्राम हेरोइन और 17 किलोग्राम ICE बरामद होने की जानकारी सामने आई।
- सरपंच ने पिछले हमलों की शिकायतों पर ठोस कार्रवाई न होने का आरोप लगाया।
- एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने वीडियो और आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही।
- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत हजारों कथित ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी और संदिग्धों की हिरासत की जानकारी सामने आई।
FAQ Section:
अटारी के सरपंच हरप्रीत सिंह ने क्या आरोप लगाया?
हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार और ड्रग तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन पर और उनके एक समर्थक पर हमला किया गया।
सरपंच ने हमले को लेकर क्या दावा किया?
सरपंच ने इसे अपनी जान लेने का तीसरा प्रयास बताया और आरोप लगाया कि कथित ड्रग कारोबार से जुड़े लोगों के सहयोगियों ने उन्हें निशाना बनाया।
अमृतसर में कितनी ड्रग्स बरामद हुई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जनवरी से विभिन्न एजेंसियों ने अमृतसर जिले में 426 किलोग्राम हेरोइन और 17 किलोग्राम ICE बरामद की है।
पुलिस का इस मामले पर क्या कहना है?
अमृतसर (रूरल) के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने कहा कि वह सरपंच के वीडियो और आरोपों की जांच करेंगे और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान क्या है?
यह पंजाब सरकार का नशे और ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान है, जिसके तहत कथित नशा तस्करों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
Conclusion:
अटारी के सरपंच द्वारा लगाए गए हमले और ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपों ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में नशे की समस्या को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रही हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरपंच के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
