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हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 3 दिन और बढ़ी, सड़कों पर बढ़ेगा कचरा; मशाल जुलूस और जन न्याय पंचायत का ऐलान
25 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को तीन दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। मांगें पूरी नहीं होने पर राज्यभर में मशाल जुलूस, जन न्याय पंचायत और मंत्रियों के आवासों के घेराव जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे।
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बजाय और तेज हो गई है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने हड़ताल तीन दिन बढ़ाने के साथ सरकार को मांगें स्वीकार करने का समय दिया है। हड़ताल जारी रहने से शहरों में सफाई व्यवस्था और प्रभावित होने की आशंका है।
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिन और बढ़ी
हरियाणा के शहरों में पहले से प्रभावित सफाई व्यवस्था आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है। प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने रविवार को अपनी जारी हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ाने का फैसला किया है।
सफाई कर्मचारियों ने सरकार पर अपनी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही आंदोलन को तेज करने के लिए मशाल जुलूस और जन न्याय पंचायत जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है।
यह फैसला नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें मौजूदा आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।सरकार को मांगें मानने के लिए तीन दिन का समय
बैठक के बाद नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने मीडिया को आंदोलन के अगले चरण की जानकारी दी।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हस्तक्षेप कर कर्मचारियों और सरकार के बीच जारी गतिरोध समाप्त करने की अपील की।
नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति कथित रूप से उदासीन रवैया अपना रही है। इसी वजह से हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने तथा आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है।
संघ ने सरकार को मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
25 दिन से हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी
संघ के अनुसार, सफाई कर्मचारी पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर हैं। इसके कारण हरियाणा के विभिन्न शहरों में सड़कों के किनारे कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं।
लंबे समय से जारी हड़ताल का सीधा असर शहरों की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहा है और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नरेश शास्त्री ने दावा किया कि कर्मचारियों के आंदोलन को आम लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने सरकार से मांगों को स्वीकार कर जनता को हो रही असुविधा समाप्त करने की अपील की।
31 अगस्त को सभी जिलों में निकलेंगे मशाल जुलूस
सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन के अगले चरण का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है।
31 अगस्त को होंगे मशाल जुलूस
नगर पालिका कर्मचारी संघ के अनुसार, हरियाणा के सभी जिलों में 31 अगस्त को मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
3 सितंबर तक सरकार के जवाब का इंतजार
संघ ने कहा कि यदि सरकार 3 सितंबर तक उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इसके बाद कर्मचारी 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के आवासों पर जाकर उनसे अपनी मांगों को लेकर जवाब मांगेंगे।
मंत्रियों से नियमितीकरण पर सवाल करेंगे कर्मचारी
संघ ने कहा कि कर्मचारी मंत्रियों से इस बात पर सवाल करेंगे कि दूसरे विभागों में संविदा कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और नियमितीकरण का लाभ दिया जा रहा है, जबकि सफाई कर्मचारियों के मामले में नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही।
सफाई कर्मचारियों का प्रमुख मुद्दा संविदा व्यवस्था को समाप्त करना और नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना है।
13 मई के फैसले को लागू करने की मांग
नरेश शास्त्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने 13 मई को कर्मचारियों की कई मांगों को स्वीकार करने पर सहमति जताई थी।
इन मांगों में संविदा प्रणाली को समाप्त करना और नगर निकायों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करना शामिल था।
ड्राइवर, सफाई कर्मचारी और फायरमैन के नियमितीकरण की मांग
संघ के अनुसार, सरकार ने ड्राइवर, सफाई कर्मचारी और फायरमैन जैसे नगर निकाय कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर सहमति जताई थी।
हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि इस फैसले को अब तक जमीन पर लागू नहीं किया गया है। इसी कारण कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल और विरोध कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
Key Highlights:
- हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिन के लिए बढ़ाई गई।
- कर्मचारी पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर होने का दावा कर रहे हैं।
- शहरों में कचरे के ढेर लगने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई।
- 31 अगस्त को सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।
- सरकार को मांगें स्वीकार करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया।
- 3 सितंबर तक सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन तेज होगा।
- 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के आवासों पर विरोध कार्यक्रम की घोषणा।
- संविदा प्रणाली समाप्त कर कर्मचारियों को नियमित करने की प्रमुख मांग।
- 13 मई को सहमति बनी मांगों को लागू करने की मांग की गई।
FAQ Section:
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कितने दिन बढ़ाई गई है?
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ाने का फैसला किया है।
सफाई कर्मचारी कितने दिनों से हड़ताल पर हैं?
संघ के अनुसार, सफाई कर्मचारी पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर हैं।
31 अगस्त को सफाई कर्मचारी क्या करेंगे?
आंदोलन के अगले चरण में हरियाणा के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।
सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आगे क्या होगा?
यदि 3 सितंबर तक सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो कर्मचारी 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के आवासों पर जाकर विरोध करेंगे।
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग क्या है?
कर्मचारियों की प्रमुख मांग संविदा व्यवस्था को समाप्त करना और ड्राइवर, सफाई कर्मचारी तथा फायरमैन सहित नगर निकायों के संविदा कर्मचारियों को नियमित करना है।
Conclusion:
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल ने अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है। तीन दिन के लिए हड़ताल बढ़ाए जाने के बाद शहरों की सफाई व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। अब सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकलने पर मशाल जुलूस, जन न्याय पंचायत और मंत्रियों के आवासों पर विरोध के जरिए आंदोलन को और व्यापक करने की तैयारी की जा रही है।
