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सुखबीर बादल का बड़ा ऐलान, बोले- सरकार बनी तो सिर्फ पंजाबियों को मिलेंगी सरकारी नौकरियां; BJP गठबंधन पर साधी चुप्पी
‘पंजाब बचाओ’ अभियान की रैली में SAD प्रमुख ने वारिस पंजाब दे पर लगाए गंभीर आरोप, अकाली दल को कमजोर करने की साजिश का बताया हिस्सा
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सत्ता में लौटने पर उनकी पार्टी सरकारी नौकरियों को पंजाबियों के लिए सुनिश्चित करने वाला कानून लाएगी। उन्होंने वारिस पंजाब दे पर भी निशाना साधा, जबकि BJP से संभावित गठबंधन पर कोई टिप्पणी नहीं की।
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को पंजाब की राजनीति को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल अगली सरकार बनाता है तो सरकारी नौकरियों में पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए कानून बनाया जाएगा। हालांकि, BJP के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर सुखबीर बादल ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।
‘पंजाब बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित पार्टी रैली को संबोधित करते हुए SAD प्रमुख ने पंजाब के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर जमकर हमला बोला। खास तौर पर उन्होंने अकाली दल वारिस पंजाब दे (WPD) को निशाने पर लिया और उस पर सिख वोटों को बांटने तथा SAD को कमजोर करने के लिए काम करने का आरोप लगाया।
सरकारी नौकरियों को लेकर सुखबीर बादल का बड़ा वादा
सुखबीर बादल ने पंजाब के लोगों से वादा किया कि अकाली दल की अगली सरकार बनने पर सरकारी नौकरियों को पंजाबियों के लिए सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानून बनाया जाएगा।उन्होंने इस मुद्दे को पंजाब के युवाओं और रोजगार से जोड़ते हुए संकेत दिया कि पार्टी सत्ता में आने पर स्थानीय युवाओं के हितों को प्राथमिकता देने वाली नीति लागू करेगी।
BJP से गठबंधन के सवाल पर नहीं बोले
रैली के दौरान सुखबीर बादल ने पंजाब के अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधा, लेकिन BJP को लेकर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। इससे दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें जारी हैं।
अकाली दल और BJP पहले लंबे समय तक राजनीतिक सहयोगी रहे हैं, लेकिन बाद में दोनों पार्टियां अलग हो गई थीं।
वारिस पंजाब दे पर सुखबीर बादल का हमला
SAD अध्यक्ष ने अकाली दल वारिस पंजाब दे को ‘वायरस’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसे सिख वोटों को विभाजित करने और शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने के उद्देश्य से खड़ा किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह कोविड वायरस से दुनिया को खतरा पैदा हुआ था, उसी तरह उनके अनुसार ‘वारिस पंजाब दे वायरस’ सिख समुदाय के भीतर टकराव पैदा करने और SAD को कमजोर करने के लिए तैयार किया गया है।
सुखबीर बादल ने पंजाबियों से अकाली दल के झंडे के नीचे एकजुट होने और राज्य में शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव बहाल करने की अपील की।
AAP और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी आरोप
सुखबीर बादल ने उन लोगों से सतर्क रहने की अपील की जो खुद को पंथ के प्रति समर्पित बताकर लोगों की राय प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ लोग पांच साल पहले आम आदमी पार्टी के मंचों पर नजर आते थे। इसी संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि राखड़ पुण्या के मौके पर आयोजित रैली के लिए PRTC की बसें उपलब्ध कराई गई थीं।
अमृतपाल सिंह और परिवार को लेकर भी लगाए आरोप
SAD अध्यक्ष ने वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके परिवार को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अमृतपाल ने कुछ वर्ष पहले ही सिख पहचान अपनाई थी।
सुखबीर बादल ने यह भी आरोप लगाया कि अमृतपाल का परिवार पहले कांग्रेस का समर्थन कर चुका है और 2019 के लोकसभा चुनाव में परमजीत कौर खालड़ा के खिलाफ प्रचार भी किया था।
बंदी सिंहों के मुद्दे पर भी सवाल
सुखबीर बादल ने कहा कि वारिस पंजाब दे की ओर से अमृतपाल की रिहाई के लिए ‘मोर्चा’ शुरू किया जाना, लेकिन बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को उसी तरह नहीं उठाना, उसके राजनीतिक उद्देश्य पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि WPD किसी सिख संघर्ष के लिए काम नहीं कर रहा, बल्कि कथित तौर पर ‘पंजाब विरोधी ताकतों’ के साथ मिलकर राज्य को 1980 के दशक के अशांत दौर की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा है।
इन आरोपों पर वारिस पंजाब दे की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आगे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
Key Highlights:
- सुखबीर सिंह बादल ने पंजाबियों के लिए सरकारी नौकरियों को सुरक्षित करने वाला कानून बनाने का वादा किया।
- उन्होंने यह घोषणा अगली SAD सरकार बनने की स्थिति में लागू करने की बात कही।
- BJP के साथ संभावित गठबंधन पर सुखबीर बादल ने कोई टिप्पणी नहीं की।
- SAD प्रमुख ने अकाली दल वारिस पंजाब दे को ‘वायरस’ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने WPD पर सिख वोटों को विभाजित कर SAD को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- भगवंत मान और AAP पर भी सुखबीर बादल ने आरोप लगाए।
- अमृतपाल सिंह और उनके परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
- बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर WPD की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
FAQ Section:
सुखबीर बादल ने सरकारी नौकरियों को लेकर क्या ऐलान किया?
उन्होंने कहा कि अगर SAD अगली सरकार बनाती है तो सरकारी नौकरियां पंजाबियों के लिए सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानून लाया जाएगा।
सुखबीर बादल ने वारिस पंजाब दे पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने WPD पर सिख वोटों को विभाजित करने और शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने के लिए काम करने का आरोप लगाया।
क्या सुखबीर बादल ने BJP के साथ गठबंधन पर कुछ कहा?
नहीं। उन्होंने BJP के साथ संभावित गठबंधन की संभावना पर कोई टिप्पणी नहीं की।
सुखबीर बादल ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राखड़ पुण्या की रैली के लिए PRTC की बसें उपलब्ध कराई थीं।
बंदी सिंहों को लेकर सुखबीर बादल ने क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि वारिस पंजाब दे ने अमृतपाल की रिहाई के लिए मोर्चा चलाया, लेकिन बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी।
Conclusion:
पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले SAD ने रोजगार और पंजाबियों के हितों को केंद्र में रखकर अपना राजनीतिक एजेंडा सामने रखना शुरू कर दिया है। सुखबीर बादल ने सरकारी नौकरियों को लेकर कानून बनाने का वादा करने के साथ ही वारिस पंजाब दे पर तीखा हमला बोला। वहीं, BJP के साथ संभावित गठबंधन पर उनकी चुप्पी ने राजनीतिक अटकलों को जारी रखा है।
