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पूर्व CM बेअंत सिंह की शहादत को किया नमन, एंटी टेररिस्ट फ्रंट ने दी श्रद्धांजलि; पंजाब में शांति के लिए योगदान को किया याद
शहादत दिवस पर कार्यकर्ताओं ने ‘बेअंत सिंह अमर रहे’ के नारे लगाए, आतंकवाद के दौर में पूर्व मुख्यमंत्री के योगदान को किया याद
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के शहादत दिवस पर ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट की स्थानीय इकाई ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके कार्यकाल और पंजाब में शांति बहाली के प्रयासों को याद किया गया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के शहादत दिवस पर रविवार को ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट की स्थानीय इकाई ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन के सदस्यों और पदाधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृति में पुष्प अर्पित किए और ‘बेअंत सिंह अमर रहे’ के नारे लगाए।
इस मौके पर ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन के महासचिव साहिब सिंह और पंजाब महासचिव पवन सैनी समेत संगठन के कई सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
आतंकवाद के दौर में बेअंत सिंह की भूमिका को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साहिब सिंह और पवन सैनी ने बेअंत सिंह के जीवन और राजनीतिक सफर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेअंत सिंह का जन्म 19 फरवरी 1922 को लाहौर में हुआ था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सेना में भी सेवाएं दी थीं।इसके बाद उन्होंने गांव के सरपंच से लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया। उन्होंने ऐसे समय में मुख्यमंत्री पद संभाला था, जब पंजाब लंबे समय से उग्रवाद और आतंकवाद की चुनौती से जूझ रहा था।
आतंकवाद से प्रभावित था पंजाब
वक्ताओं ने कहा कि आतंकवाद के उस दौर में आम नागरिकों, सुरक्षा बलों और उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा था। राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करना उस समय बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने कहा कि बेअंत सिंह ने तत्कालीन मंत्री मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, पंजाब के तत्कालीन DGP KPS Gill और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मिलकर पंजाब में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास किए।
31 अगस्त 1995 को हुआ था हमला
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब में शांति स्थापित करने की कोशिशों में राजनीतिक नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए मानव-बम विस्फोट में हत्या कर दी गई थी। इस हमले में कई अन्य लोगों की भी जान गई थी।
बलिदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बेअंत सिंह और अन्य लोगों के प्रयासों तथा बलिदान को पंजाब के इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर के संदर्भ में याद किया जाना चाहिए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने उनके योगदान को नमन किया और उनकी स्मृति में नारे लगाए।
Key Highlights:
- पूर्व पंजाब CM बेअंत सिंह के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट की स्थानीय इकाई ने पुष्पांजलि अर्पित की।
- कार्यकर्ताओं ने ‘बेअंत सिंह अमर रहे’ के नारे लगाए।
- संगठन के महासचिव साहिब सिंह और पंजाब महासचिव पवन सैनी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
- बेअंत सिंह ने गांव के सरपंच से पंजाब के मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया था।
- आतंकवाद के दौर में उनके द्वारा शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों को याद किया गया।
- 31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर मानव-बम विस्फोट में उनकी हत्या हुई थी।
FAQ Section:
बेअंत सिंह कौन थे?
बेअंत सिंह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री थे। उन्होंने आतंकवाद से प्रभावित दौर में पंजाब की सत्ता संभाली और राज्य में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयास किए।
बेअंत सिंह का जन्म कब हुआ था?
बेअंत सिंह का जन्म 19 फरवरी 1922 को लाहौर में हुआ था।
बेअंत सिंह की हत्या कब हुई थी?
31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए मानव-बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी गई थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम किसने आयोजित किया?
ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट की स्थानीय इकाई के कार्यकर्ताओं ने बेअंत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में कौन मौजूद था?
ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन के महासचिव साहिब सिंह और पंजाब महासचिव पवन सैनी सहित संगठन के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।
Conclusion:
बेअंत सिंह के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन और पंजाब में आतंकवाद के कठिन दौर के दौरान शांति बहाली के प्रयासों को याद किया गया। संगठन के सदस्यों ने पुष्पांजलि अर्पित कर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया।
