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करनाल BJP विधायक जगमोहन आनंद ने मांगी माफी, रोर समुदाय से लंबे समय से चला विवाद हुआ खत्म
विधायक जगमोहन आनंद ने अपने पुराने बयान पर खेद जताते हुए रोर समुदाय से बिना शर्त माफी मांगी। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम हुआ।
करनाल के भाजपा विधायक जगमोहन आनंद और रोर समुदाय के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद माफी के बाद समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया है। विधायक ने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह बिना शर्त माफी मांगते हैं।
जगमोहन आनंद की माफी के बाद रोर समुदाय से विवाद में आई नरमी
करनाल के भाजपा विधायक जगमोहन आनंद और रोर समुदाय के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध में अब नरमी आ गई है। विधायक ने अपने पूर्व में दिए गए बयान पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं।
रोर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में विधायक की माफी के बाद दोनों पक्षों के बीच चल रहा विवाद काफी हद तक समाप्त हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की मौजूदगी में हुई बैठक
यह बैठक रोर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण भी मौजूद रहे।बैठक में अखिल भारतीय रोर महासभा के अध्यक्ष बलकार सिंह, पुंडरी के विधायक सतपाल जांबा, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष वेदपाल और समुदाय के अन्य प्रमुख सदस्य भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान विधायक जगमोहन आनंद ने अपने बयान को लेकर स्थिति स्पष्ट की और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
विधायक बोले- किसी को ठेस पहुंची तो मैं माफी मांगता हूं
जगमोहन आनंद ने कहा कि यदि उनके शब्दों से रोर समुदाय के किसी सदस्य को परेशानी हुई है या किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज की सभी 36 बिरादरियों के बीच आपसी भाईचारा और एकता बनी रहनी चाहिए। किसी बयान या शब्दों को लेकर पैदा होने वाले मतभेदों से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देना जरूरी है।
रोर समुदाय के साथ लंबे जुड़ाव का किया जिक्र
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि उनका रोर समुदाय के साथ लंबे समय से संबंध रहा है और उनके राजनीतिक सफर में समुदाय के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने समुदाय के सदस्यों से आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।
रोर महासभा ने माफी को स्वीकार किया
अखिल भारतीय रोर महासभा के अध्यक्ष बलकार सिंह ने विधायक जगमोहन आनंद के इस कदम का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि विधायक के साथ समुदाय के मतभेद अब समाप्त हो गए हैं और महासभा को उनसे अब कोई शिकायत नहीं है।
हालांकि, बलकार सिंह ने स्पष्ट किया कि 7 अगस्त को हुए पुलिस एनकाउंटर से जुड़े समुदाय के दो प्रमुख मुद्दे अभी भी लंबित हैं।
7 अगस्त के पुलिस एनकाउंटर को लेकर दो मांगें अभी बाकी
रोर महासभा ने 7 अगस्त को हुए पुलिस एनकाउंटर में कालामाजरा के हर्ष और कैथल के बीरबल की मौत से जुड़े मामले में दो मांगें उठाई हैं।
महासभा की प्रमुख मांग है कि इस मामले की जांच CBI से कराई जाए या फिर किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज की निगरानी में जांच कराई जाए।
एनकाउंटर में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
महासभा ने एनकाउंटर में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी है।
इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के तबादले की मांग भी की गई है। महासभा के अनुसार, इन मांगों को लेकर राज्य सरकार को पहले ही 1 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया जा चुका है।
बलकार सिंह ने कहा कि विधायक जगमोहन आनंद के साथ उनका विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन एनकाउंटर मामले से संबंधित मांगों पर सरकार की कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
Key Highlights:
- करनाल के BJP विधायक जगमोहन आनंद ने रोर समुदाय से माफी मांगी।
- विधायक ने कहा कि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह माफी मांगते हैं।
- बैठक में विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
- रोर महासभा ने विधायक की माफी का स्वागत किया।
- महासभा ने कहा कि विधायक के साथ उसके मतभेद समाप्त हो गए हैं।
- 7 अगस्त के पुलिस एनकाउंटर से जुड़ी दो मांगें अभी भी लंबित हैं।
- महासभा ने CBI या सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज से जांच कराने की मांग की।
- राज्य सरकार को मांगों पर कार्रवाई के लिए 1 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
FAQ Section:
जगमोहन आनंद ने रोर समुदाय से माफी क्यों मांगी?
विधायक ने अपने पहले दिए गए बयान को लेकर कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी व्यक्ति या रोर समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
क्या रोर समुदाय ने विधायक की माफी स्वीकार कर ली?
अखिल भारतीय रोर महासभा के अध्यक्ष बलकार सिंह ने विधायक की माफी का स्वागत किया और कहा कि विधायक के साथ समुदाय के मतभेद समाप्त हो गए हैं।
7 अगस्त के एनकाउंटर को लेकर रोर महासभा की मांग क्या है?
महासभा ने मामले की जांच CBI या किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज से कराने की मांग की है।
रोर महासभा ने सरकार को कब तक का अल्टीमेटम दिया है?
महासभा ने अपनी लंबित मांगों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को 1 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है।
बैठक में कौन-कौन मौजूद था?
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, रोर महासभा अध्यक्ष बलकार सिंह, पुंडरी विधायक सतपाल जांबा और अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद थे।
Conclusion:
जगमोहन आनंद की बिना शर्त माफी के बाद रोर समुदाय और करनाल विधायक के बीच जारी विवाद समाप्त होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, 7 अगस्त के पुलिस एनकाउंटर से जुड़ी जांच और कार्रवाई की मांगें अभी भी बनी हुई हैं। रोर महासभा ने विधायक के साथ मतभेद खत्म होने की बात कही है, लेकिन अब समुदाय की नजर राज्य सरकार की ओर से लंबित मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
