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AAP विधायक रमन अरोड़ा ने सुरक्षा लेने से किया इनकार, भजन संध्या विवाद के बीच बढ़ा सियासी तनाव
जालंधर में भजन कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन पर सवाल, अनुमति के बाद कार्यक्रम को मिली मंजूरी
जालंधर में भजन संध्या कार्यक्रम को लेकर विवाद के बीच AAP विधायक रमन अरोड़ा ने सोशल मीडिया पर पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। मामला पुलिस द्वारा पहले कार्यक्रम की अनुमति रोकने और बाद में मंजूरी देने से जुड़ा है।
सुरक्षा कवर बहाल होने के दो हफ्ते से भी कम समय बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक रमन अरोड़ा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें पुलिस सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है।
विधायक का यह बयान जालंधर में भजन कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। उन्होंने फेसबुक पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा, “जय श्री राम! जय श्री बालाजी! मुझे उस पुलिस की सुरक्षा की जरूरत नहीं है जो बालाजी की कथाओं में बाधा डाल रही है।”
दोपहर में पटेल चौक पर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंततः कार्यक्रम के लिए अनुमति दे दी।यह विवाद साई दास स्कूल ग्राउंड के पास आयोजित होने वाले भजन गायक कन्हैया मित्तल के कार्यक्रम से जुड़ा था, जिसे पहले पुलिस के आदेश पर रद्द कर दिया गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन कष्ट निवारण बालाजी मंदिर, शीखेन बाजार द्वारा किया जा रहा था, जिसमें रमन अरोड़ा भी सदस्य हैं।
पिछली रात पुलिस ने आयोजकों को सूचित किया था कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और टेंट, लाइट और सजावट हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मामला राजनीतिक रूप लेने लगा।
सुबह भाजपा नेताओं शीतल अंगुराल, मनोरंजन कालिया और केडी भंडारी तथा कांग्रेस नेताओं राजिंदर बेरी और अन्य पार्षदों ने कार्यक्रम स्थल के पास धरना दिया और ‘जय श्री राम’ व ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाए।
रमन अरोड़ा इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे और बाद में सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भी अनुपस्थित रहे। उनके समर्थकों ने दावा किया कि विधायक ने सभी अनुमति पहले ही ले ली थी और उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल के पास लगाए गए उनके पोस्टर फाड़ दिए गए।
अंततः एसीपी सेंट्रल राजेश ठाकुर ने हस्तक्षेप किया और उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर मामला सुलझाया। उन्होंने घोषणा की कि भजन संध्या कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुसार ही आयोजित होगा। हालांकि तब तक कई नेता स्थल छोड़ चुके थे।


