YFC रुरका कलां ने Street Child World Cup 2026 में रचा इतिहास, उपविजेता बना भारत

मैक्सिको में हुए टूर्नामेंट में ब्राजील से फाइनल में हार, लेकिन शानदार प्रदर्शन से जीता दिल

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जालंधर के Youth Football Club (YFC) रुरका कलां की 10 सदस्यीय टीम ने मैक्सिको में आयोजित Street Child World Cup 2026 में दूसरा स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। टीम ने सेमीफाइनल तक शानदार जीत दर्ज की, लेकिन फाइनल में ब्राजील से हार गई।

जालंधर के रुरका कलां स्थित यूथ फुटबॉल क्लब (YFC) की 10 सदस्यीय टीम ने मैक्सिको में आयोजित स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप 2026 में दूसरा स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में टीम ने उपविजेता बनकर भारत का नाम रोशन किया।

टीम ने सात बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में YFC रुरका कलां ने मिस्र (Egypt) की टीम को हराकर जीत दर्ज की, लेकिन फाइनल में उन्हें ब्राजील के खिलाफ 4-2 से हार का सामना करना पड़ा।

फाइनल मुकाबला 14 मई को खेला गया, जिसमें ब्राजील विजेता बना।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने अर्जेंटीना को 2-0, इंडोनेशिया को 3-0, मेजबान मैक्सिको को 6-0, मलेशिया को 7-0, Borussia ACNUR को 2-0 और सेमीफाइनल में मिस्र को 1-0 से हराया, लेकिन फाइनल में ब्राजील से 4-2 से हार गई।

इस जीत ने एक बार फिर रुरका कलां को वैश्विक फुटबॉल मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। कोचों के अनुसार, टीम के लगभग सभी खिलाड़ियों की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी और उनमें से कई भविष्य में भारतीय राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

टीम में पंजाब के गरीब परिवारों से आए खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद YFC के माध्यम से फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई। गांव के लोग फाइनल देखने के लिए सुबह 3 बजे से टीवी से जुड़े रहे, हालांकि लाइव प्रसारण उपलब्ध नहीं था।

इस 10 सदस्यीय टीम में सिलास सिद्धू, अर्शदीप, जशनप्रीत, रंजन जाखू, समीर, रमनदीर सिंह, साम मसीह, शमशेर सिंह, आकाश (गोलकीपर) और रौनिक शामिल हैं। टीम को कोच अनवर अली, टीम लीडर हर्ष जैसुख चोटालिया और टीम मैनेजर नुपुर नाग का समर्थन प्राप्त था।

कोच अनवर अली ने कहा कि टीम ने दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भले ही लक्ष्य स्वर्ण पदक था, लेकिन यह टीम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की चुनौतियों को समझती है और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेगी।

 
 
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Edited By: Karan Singh

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