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भजन संध्या विवाद को लेकर BJP और AAP में जुबानी जंग तेज, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
BJP नेताओं ने AAP पर लगाया हस्तक्षेप न करने का आरोप, AAP ने राजनीतिक रंग देने की बात कही
जालंधर में भजन संध्या कार्यक्रम को लेकर BJP और AAP नेताओं के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई और अनुमति प्रक्रिया में देरी को समय पर नहीं संभाला गया, जबकि AAP ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
भाजपा नेताओं द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) पर भजन संध्या को रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी रही।
BJP नेताओं में पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, केडी भंडारी और सरबजीत मक्कड़ तथा पार्टी के जिला अध्यक्ष सुषिल शर्मा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि AAP के प्रदेश महासचिव दीपक बाली और मंत्री मोहनदेर भगत समय पर हस्तक्षेप करने में विफल रहे और बाद में जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की।
केडी भंडारी ने कहा कि आयोजन समिति, जो शीखेन बाजार स्थित कष्ट निवारण बाला जी मंदिर से जुड़ी थी, ने सात विभागों से विधिवत अनुमति ली थी, जिसमें संबंधित SHO और क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से केवल पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर की स्वीकृति शेष थी।भंडारी ने आगे कहा कि AAP नेताओं को पुलिस और आयोजकों के बीच चल रहे टकराव की जानकारी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने संवेदनशील धार्मिक मामले में समय रहते हस्तक्षेप कर समाधान करना उनकी जिम्मेदारी नहीं थी क्या।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक मुद्दे पर धरना देना नहीं था, लेकिन बार-बार अपील के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें मजबूरी में कदम उठाना पड़ा।
शीतल अंगुराल ने कहा कि AAP नेताओं ने समय पर कार्रवाई न करने की जिम्मेदारी लेने के बजाय इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप BJP पर लगाया है, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि बालाजी के पोस्टर फाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने रातभर विरोध किया और अगले दिन भीषण गर्मी में धरना दिया, ताकि धार्मिक कार्यक्रम के लिए पुलिस अनुमति मिल सके। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के कुछ घंटों बाद AAP नेताओं ने इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई।
इस बीच, कई AAP नेताओं ने सोशल मीडिया पर भजन संध्या में शामिल होने और मंदिर समिति द्वारा सम्मानित किए जाने के वीडियो साझा किए। दीपक बाली ने BJP पर बिना कारण मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह उस समय शहर में नहीं थे, लेकिन यदि होते तो हस्तक्षेप जरूर करते।

