राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान की सराहना की, कहा—100 प्रतिशत सफल रहा

‘सच को स्वीकार करना चाहिए’, अगले छह महीनों में और दिखेंगे परिणाम: राज्यपाल

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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को कहा कि पंजाब सरकार का नशा विरोधी अभियान पूरी तरह सफल रहा है और इस सच्चाई को स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले छह महीनों में इसके और ठोस परिणाम सामने आएंगे।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान “एक सौ प्रतिशत सफल” रहा है। उन्होंने कहा,

“जो सच है, उसे स्वीकार करना चाहिए।”

राज्यपाल ने यह बयान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, बठिंडा के दौरे के दौरान दिया। इससे पहले उन्होंने अबोहर में अपनी पदयात्रा का समापन किया था।

धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचे राज्यपाल

बठिंडा के बाद राज्यपाल ने तख्त दमदमा साहिब, तलवंडी साबो में मत्था टेका और वहां बाबा टेक सिंह धनूला से मुलाकात की।

राजनीतिक विवाद के बीच बयान अहम

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने 1 मार्च को राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान शुरू किया था। राज्यपाल के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब उनकी पदयात्रा में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कई भाजपा नेताओं की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था।

आम आदमी पार्टी ने राज्यपाल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे किन लोगों के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। पार्टी का आरोप था कि पूर्व की अकाली-भाजपा सरकार के दौरान ही राज्य में नशे की समस्या बढ़ी थी। वहीं कांग्रेस ने भी आरोप लगाया था कि यह पदयात्रा आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अकाली-भाजपा गठबंधन को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, हालांकि राज्यपाल ने इन आरोपों को खारिज किया।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के आंकड़े

राज्यपाल ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान पर पूछे गए सवाल के जवाब में बताया कि

“मार्च से पिछले वर्ष के अंत तक अभियान के पहले चरण में करीब 31 हजार एफआईआर दर्ज की गईं और 41 हजार के करीब नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।”

उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग 1,900 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से नशा तस्करी की जा रही है, जिसे रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एंटी-ड्रोन तंत्र को मजबूत कर रही हैं।

जनता के सहयोग को बताया जरूरी

हालांकि राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सरकारी प्रयासों से पंजाब को नशा मुक्त नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा,

“हर गांव और हर नागरिक के सामूहिक प्रयास की जरूरत है। तभी हम अपनी युवा पीढ़ी को एक सशक्त राष्ट्र के मजबूत नागरिक बना पाएंगे।”

दूसरे चरण से भी उम्मीद

राज्यपाल ने बताया कि 7 जनवरी से ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसके परिणाम भी अगले छह महीनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि न केवल नशा तस्करों, बल्कि घरों में नशीले पदार्थ रखने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सरकार को पूरा सहयोग दें।
उन्होंने कहा,

“आज नहीं तो कल, हमारा लक्ष्य जरूर हासिल होगा।”Screenshot_1160

Edited By: Karan Singh

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