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देविंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका खारिज करना दुर्भाग्यपूर्ण: अकाल तख्त जत्थेदार
बंधी सिंहों की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने की अपील
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भाजपा-नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार द्वारा सिख राजनीतिक बंदी देविंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका खारिज किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने सिख समुदाय से बंधी सिंहों की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहने की अपील की।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने दिल्ली की भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार के उस फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया, जिसमें सिख राजनीतिक बंदी देविंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई संबंधी याचिका को खारिज कर दिया गया।
जत्थेदार ने कहा कि बंधी सिंहों की रिहाई का मुद्दा सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने समुदाय से अपील की कि वे इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहें।
हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अकाल तख्त सचिवालय में जत्थेदार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को भी इस मुद्दे के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
जत्थेदार ने दोहराया कि सिख समुदाय अपने अधिकारों और बंदी सिंहों की रिहाई के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर संघर्ष करता रहेगा।
