केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल बजट 2026 को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके तहत पश्चिम बंगाल के 40 किलोमीटर लंबे रणनीतिक कॉरिडोर में भूमिगत रेलवे ट्रैक बिछाने की विशेष योजना तैयार की गई है, जिससे मौजूदा लाइन को चार लाइन में परिवर्तित किया जाएगा।
रेल मंत्री ने बताया कि असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 11,486 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र में 72,468 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं इस समय प्रगति पर हैं, जबकि कई नई परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षण भी किए जा रहे हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह भारी निवेश नई पटरियों के निर्माण, स्टेशनों के पुनर्विकास और रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि यह कार्य असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में लगभग 1,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जो श्रीलंका के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, जबकि असम में 98 प्रतिशत रेलवे लाइनें विद्युतीकृत की जा चुकी हैं। मंत्रालय के अनुसार, 2014 से अब तक असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में 2,839 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है।
रेल मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल पूर्वोत्तर राज्यों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क भी और अधिक सुदृढ़ होगा।
