डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित परोक्ष टिप्पणी को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद गहराता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पार्टी की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करें।
उल्लेखनीय है कि शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से पटियाला जेल में मुलाकात के बाद डेरा प्रमुख ने मजीठिया पर लगे आरोपों को “झूठा और निराधार” बताया था। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा—
“भगवान उन अदालतों की रक्षा करें, जहां कैदियों से मिलने आने वाले ही जज बन जाते हैं।”
इस टिप्पणी को डेरा प्रमुख पर परोक्ष हमला माना गया।
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल द्वारा मुख्यमंत्री की आलोचना किए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा भी इस मुद्दे पर सामने आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान उन्हें गहरे रूप से आहत करता है और इससे लाखों श्रद्धालुओं और अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जो संतों और आध्यात्मिक संस्थानों से जुड़े हैं, चाहे वे भारत में हों या विदेश में।
बाजवा ने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा में संतों, महापुरुषों और आध्यात्मिक गुरुओं को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। मुख्यमंत्री की इस तरह की टिप्पणी पंजाब की उस विरासत के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इस विषय पर चुप्पी तोड़ते हुए यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या मुख्यमंत्री की टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाती है या नहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
