फरीदाबाद को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की मांग को लेकर राज्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक विपुल गोयल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को प्री-बजट सुझाव सौंपे हैं। गोयल ने कहा कि फरीदाबाद हरियाणा के शुरुआती औद्योगिक केंद्रों में से एक रहा है, लेकिन दशकों तक उपेक्षा का शिकार रहा।
उन्होंने कहा, “गुरुग्राम से पहले फरीदाबाद ने हरियाणा को औद्योगिक पहचान दी थी, लेकिन दुर्भाग्यवश इसे लंबे समय तक सौतेला व्यवहार मिला। मौजूदा सरकार में शहर की संभावनाएं फिर से जागी हैं। यदि फरीदाबाद को गुरुग्राम जैसी तवज्जो और अवसर मिले, तो यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बन सकता है।”
हालांकि मंत्री ने प्री-बजट ज्ञापन का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया, लेकिन द ट्रिब्यून को उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, इसमें जेवर एयरपोर्ट से फरीदाबाद की नजदीकी और बेहतर कनेक्टिविटी को बड़ी ताकत बताया गया है। फरीदाबाद को लॉजिस्टिक्स हब और फ्रेट कॉरिडोर के लिए आदर्श स्थान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो इस क्षेत्र में गुरुग्राम से भी आगे निकल सकता है।
स्थानीय उद्योगपतियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के साथ किए गए एक आंतरिक सर्वे का हवाला देते हुए मांग पत्र में पारंपरिक विनिर्माण उद्योग से सेवा, आईटी और मनोरंजन उद्योगों की ओर धीरे-धीरे रुख करने का सुझाव दिया गया है।
इसके साथ ही यमुना नदी के किनारे पर्यटन विकास, स्थानीय धरोहर स्थलों और पिकनिक स्पॉट्स के संरक्षण व विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान की मांग की गई है।
आरडब्ल्यूए की ओर से कचरा प्रबंधन के विकेंद्रीकरण के लिए अलग नागरिक बजट की भी मांग उठाई गई है। वर्तमान में फरीदाबाद का अधिकांश कचरा गुरुग्राम के बांधवाड़ी लैंडफिल में भेजा जाता है, जिससे वहां कचरे का पहाड़ बढ़ रहा है।
इसके अलावा, शहरवासियों ने सड़कों की मरम्मत, जलभराव की पुरानी समस्या के समाधान और शैक्षणिक ढांचे के विस्तार के लिए भी अतिरिक्त धनराशि आवंटित करने की मांग की है।
राजनीतिक और औद्योगिक हलकों का मानना है कि यदि इन मांगों को आगामी बजट में स्थान मिलता है, तो फरीदाबाद वास्तव में हरियाणा के अगले विकास इंजन के रूप में उभर सकता है।
