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संसद परिसर में कांग्रेस-बीजेपी टकराव, राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू आमने-सामने
पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद, “गद्दार” टिप्पणी पर सियासी घमासान
बुधवार को संसद परिसर उस समय राजनीतिक रणभूमि में बदल गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस घटना ने पहले से ही तनावपूर्ण मानसून सत्र को और गरमा दिया।
संसद परिसर में बुधवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता खुलकर सामने आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए।
कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रधानमंत्री मोदी पर “समझौता किए होने” का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। यह आरोप भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस के हमले से जुड़ा हुआ था। एक दिन पहले ही राहुल गांधी मीडिया के सामने इसी तरह का आरोप दोहरा चुके थे, जिससे सत्र की शुरुआत से ही टकराव की स्थिति बन गई थी।
मकर द्वार के पास नारेबाजी के बीच जब रवनीत बिट्टू प्रदर्शन कर रहे सांसदों के पास से गुजरे, तो उन्होंने कथित तौर पर टिप्पणी की कि कांग्रेस सांसद “ऐसे बैठे हैं जैसे कोई जंग जीत ली हो।” इस टिप्पणी पर राहुल गांधी तुरंत भड़क उठे और उन्होंने अन्य सांसदों की ओर इशारा करते हुए बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कह दिया।
काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी ने बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हुए कहा कि वह “एक दिन वापस आएंगे” यानी कांग्रेस में लौटेंगे, लेकिन बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। देखते ही देखते प्रधानमंत्री के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन दो पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच व्यक्तिगत टकराव में बदल गया।
बाद में मीडिया से बात करते हुए रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल “सड़क के गुंडे की तरह” व्यवहार कर रहे हैं और देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। बिट्टू ने दावा किया कि राहुल ने उन्हें “गद्दार” कहा और प्रदर्शन कर रहे सांसदों को “देश के दुश्मन” बताया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि “गद्दार” शब्द का अर्थ बेहद गंभीर होता है और इसका इस्तेमाल विशेष रूप से किसी सिख नेता के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा किसी व्यक्ति की देशभक्ति पर सवाल खड़े करती है और राजनीतिक मर्यादा की सीमाओं को पार करती है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
