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मिरी-पीरी मेडिकल संस्थान पर नियंत्रण को लेकर विवाद, HSGMC और SGPC आमने-सामने
बलजीत सिंह दादूवाल की मांग पर बढ़ा तनाव, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
शाहाबाद स्थित मिरी-पीरी मेडिकल संस्थान के प्रबंधन को लेकर HSGMC और SGPC के बीच विवाद सामने आया है। बलजीत सिंह दादूवाल द्वारा नियंत्रण सौंपने की मांग के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के सह-नामित सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल ने शुक्रवार को कुछ अन्य सदस्यों के साथ शाहाबाद स्थित मिरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का दौरा किया और कहा कि इस संस्थान का नियंत्रण HSGMC को सौंपा जाना चाहिए।
दादूवाल और उनके साथियों का दावा था कि गुरुद्वारों की तरह इस मेडिकल संस्थान का संचालन भी हरियाणा कमेटी द्वारा किया जाना चाहिए, न कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा।
दादूवाल के वहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर SGPC के नेता भी संस्थान में पहुंचे और इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने दादूवाल से कहा कि वर्तमान प्रबंधन में हस्तक्षेप न करें, क्योंकि इससे लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। दादूवाल और उनके समर्थकों को वहां से जाने के लिए कहा गया।
इस बीच झिंडा ने दादूवाल की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का कदम मरीजों के लिए परेशानी पैदा करेगा और संस्थान के कामकाज को बाधित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियंत्रण केवल कानूनी तरीके से ही लिया जा सकता है।
HSGMC के सदस्य और मिरी-पीरी संस्थान के ट्रस्ट सदस्य बलदेव सिंह कैमपुर ने आरोप लगाया कि दादूवाल शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और किसी भी जबरदस्ती के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस विवाद ने संस्थान के प्रबंधन को लेकर दोनों संगठनों के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।

