लुधियाना में किसान और पशुपालन मेलों की धूम, किसानों में दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान मेला किया उद्घाटन, आधुनिक तकनीकों पर जोर

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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और वेटरिनरी यूनिवर्सिटी में आयोजित किसान और पशुपालन मेलों में किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेलों में आधुनिक खेती, बीज, तकनीक और पशुपालन से जुड़ी जानकारी दी गई।

पंजाब में किसानों का उत्साह उस समय देखने को मिला जब पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) और गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय किसान और पशुपालन मेले शुक्रवार को शुरू हुए।

किसान मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया, जबकि राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पशुपालन मेले का उद्घाटन किया।

मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी के बावजूद दोनों मेलों की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। बादलों के बीच ठंडी हवा और आयोजकों के जोश ने किसानों का स्वागत किया।

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में किसानों ने उन्नत खरीफ बीज, पौध सामग्री, जैव उर्वरक और प्रकाशन खरीदे। उन्होंने खेतों में लाइव डेमो देखे, कृषि विशेषज्ञों से सलाह ली, घरेलू प्रबंधन के तरीके सीखे और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार खाद्य उत्पादों व कपड़ों की खरीदारी की।

किसान मेले का मुख्य आकर्षण खाने-पीने के स्टॉल रहे, जहां पारंपरिक व्यंजन एलपीजी सिलेंडर और मिट्टी के चूल्हों पर तैयार किए गए। उपस्थित लोगों ने इन व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया।

मेले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब हमेशा शीर्ष पर रहा है, चाहे वह राष्ट्रीय गान हो, लंगर सेवा हो या समाज की सेवा।” उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेती को द्वितीयक पेशा न बनाएं और इसे प्राथमिकता दें, ताकि राज्य की प्रतिष्ठा बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने ‘राइस रिवोल्यूशन के जनक’ और वर्ल्ड फूड प्राइज विजेता जी.एस. खुश का आभार व्यक्त किया और उनके नाम पर एक शोध केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों से जल संरक्षण अपनाने की अपील की, ताकि राज्य को फिर से हरा-भरा बनाया जा सके।

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कुलपति सतबीर सिंह गोसल ने भूजल स्तर में गिरावट, जलवायु परिवर्तन, पराली जलाने और घटती कृषि आय जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर दिया।

विस्तार शिक्षा निदेशक एम.एस. भुल्लर ने किसानों से स्टॉल देखने, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित फसल किस्मों और तकनीकों को अपनाने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की।

पशुपालन मेले में कृषि मंत्री खुड्डियां ने विभिन्न स्टॉल का दौरा किया और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। उन्होंने किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

वेटरिनरी यूनिवर्सिटी के कुलपति जेपीएस गिल ने बताया कि इस वर्ष मेले का विषय “पशुपालन: स्थानीय ताकत से वैश्विक मानकों तक” है।

इन मेलों ने किसानों को नई तकनीकों, ज्ञान और संसाधनों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया, जिससे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी।

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Edited By: Karan Singh

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