अंबाला मंडियों में गेहूं की आवक तेज, 45% कटाई पूरी, पोर्टल में तकनीकी खामियों से किसान परेशान

सरकारी खरीद जारी, लेकिन सर्वर दिक्कतों के कारण भुगतान और प्रक्रिया में हो रही देरी

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अंबाला में गेहूं की कटाई और आवक तेज हो गई है, लेकिन खरीद पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के चलते किसानों और अधिकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कटाई के चरम पर पहुंचने के साथ ही अंबाला की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेजी से बढ़ रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में 45 प्रतिशत से अधिक कटाई पूरी हो चुकी है।

उप निदेशक कृषि डॉ. जसविंदर सिंह सैनी ने बताया, “कटाई अपने चरम पर है और जिले में 45 प्रतिशत से अधिक फसल की कटाई हो चुकी है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो 25 अप्रैल तक पूरी कटाई होने की उम्मीद है।”

हालांकि, खरीद पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतें किसानों और मंडियों में काम कर रहे अधिकारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल तक सरकारी एजेंसियों द्वारा 1.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से करीब 35,140 क्विंटल (31 प्रतिशत) का उठान किया गया है।

सोंडा गांव के किसान गुरचरण सिंह, जो अंबाला छावनी अनाज मंडी पहुंचे थे, ने बताया, “सर्वर में समस्या थी और औपचारिकताएं पूरी करने में आधे घंटे से ज्यादा समय लग गया। पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। सरकार को नई व्यवस्था लागू करने से पहले उसकी क्षमता की जांच करनी चाहिए।”

अंबाला छावनी अनाज मंडी के सचिव नीरज भारद्वाज ने कहा, “मौसम में सुधार के बाद आवक तेजी से बढ़ी है। पोर्टल में कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, लेकिन किसानों की सुविधा के लिए मैन्युअल एंट्री की गई और बाद में बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया।”

अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 50 प्रतिशत अनुमानित फसल मंडियों में पहुंच चुकी है।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी ने कहा, “आवक और उठान पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। पोर्टल में कुछ सर्वर संबंधी समस्याएं थीं, जिसके चलते सरकार ने खरीद और परिवहन में कुछ छूट दी है। अब सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि शेष फसल एक सप्ताह के भीतर मंडियों में पहुंच जाएगी। फिलहाल पूरा ध्यान उठान पर है और सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।”

जोनल मार्केटिंग एन्फोर्समेंट अधिकारी राम मेहर जगलान ने कहा, “किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे नियमों के अनुसार अपनी फसल मंडियों में लाएं, ताकि उन्हें बिक्री के लिए इंतजार न करना पड़े। हम लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं ताकि सभी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित हो सके।”

वहीं, अंबाला के सांसद वरुण चौधरी ने कहा, “खरीद से जुड़ा पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर रहा है और एमएफएमबी पोर्टल के सत्यापन में भी समस्याएं आ रही हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। उठान धीमा होने के कारण किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है।”Screenshot_421

Edited By: Karan Singh

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