यूपी-हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन पर केंद्र सतर्क

न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के विवाद के बीच केंद्र ने राज्यों से मांगी रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश और हरियाणा के औद्योगिक इलाकों में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने राज्य अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह जानकारी मामले से जुड़े लोगों ने मंगलवार को दी।

बताया गया कि श्रम मंत्रालय के तहत आने वाले मुख्य श्रम आयुक्त ने इस स्थिति के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है।

ये प्रदर्शन न्यूनतम वेतन में नियमित बढ़ोतरी को लेकर मतभेद के कारण शुरू हुए थे, जो कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) से जुड़ी होती है।

सरकार इस बात पर भी नजर रख रही है कि कहीं श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को लेकर गलत जानकारी तो नहीं फैलाई जा रही है, जिससे वेतन और कार्य शिफ्ट प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

श्रम मंत्रालय ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

पहले प्रदर्शन 7 अप्रैल को हरियाणा के मानेसर में शुरू हुए, जो एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माण केंद्र है। यहां मजदूरों ने वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य समय की मांग को लेकर विरोध किया।

इसके बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 62 में भी मजदूरों ने प्रदर्शन किया, जहां बड़ी संख्या में मध्यम आकार की फैक्ट्रियां स्थित हैं।

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Edited By: Karan Singh

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