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यूपी आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन ने बिजली कंपनियों को छूट देने से किया इनकार
UPPCL की मांग खारिज, अब सभी विभागों पर लागू होगा केंद्रीकृत आउटसोर्सिंग सिस्टम
उत्तर प्रदेश में नई आउटसोर्सिंग व्यवस्था से बिजली कंपनियों को छूट नहीं मिलेगी। इससे अब सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू होगी।
नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन के महानिदेशक ने राज्य की बिजली कंपनियों को इसके प्रावधानों से छूट देने से इनकार कर दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और अन्य राज्य वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने अनुरोध किया था कि उन्हें मौजूदा व्यवस्था के तहत अपने आउटसोर्सिंग अनुबंधों को स्वतंत्र रूप से संचालित करने की अनुमति दी जाए।
UPPCL के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने 31 मार्च 2026 को महानिदेशक को पत्र लिखकर नई आउटसोर्सिंग व्यवस्था से छूट देने का अनुरोध किया था। यह छूट कंपनियों अधिनियम की धारा 8 के तहत मांगी गई थी।
अपने पत्र में उन्होंने बताया कि UPPCL की विभिन्न इकाइयों, जिनमें बिजली वितरण और उत्पादन इकाइयां शामिल हैं, के अंतर्गत 839 सब-स्टेशनों का संचालन और रखरखाव आउटसोर्स कर्मचारियों के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि बिजली आपूर्ति एक आवश्यक सेवा है, जिसमें आपातकालीन और रियल-टाइम जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर मानव संसाधन की आवश्यकता होती है।
UPPCL में वर्तमान में करीब 78,000 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें GeM पोर्टल के माध्यम से केंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया के जरिए नियुक्त किया गया है। इसमें 149 वितरण कंपनियां शामिल हैं और अनुबंध मंडल स्तर पर दिए जाते हैं।
लखनऊ में लगभग 3,000 आउटसोर्स कर्मचारी 150 सब-स्टेशनों पर कार्य कर रहे हैं।
पत्र में यह भी कहा गया कि बिजली आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले से पूरी करनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने से किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बिजली वितरण और रखरखाव कार्य को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन की महानिदेशक अमृता सोनी ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि नई व्यवस्था से किसी भी प्रकार का विचलन करने के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
इस निर्णय के बाद अब राज्य की बिजली कंपनियां भी केंद्रीकृत आउटसोर्सिंग प्रणाली के दायरे में आ जाएंगी, जिससे सभी विभागों में अनुबंध प्रबंधन और सेवाओं में एकरूपता सुनिश्चित होगी।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत:
UP पावर कॉरपोरेशन टेंडर/कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी संघ ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।
संघ के नेताओं ने कहा कि इस निर्णय से आउटसोर्सिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी।
संघ के राज्य महासचिव देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि इससे कर्मचारियों का भरोसा मजबूत होगा और सेवा शर्तों का समान रूप से पालन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में अप्रशिक्षित कर्मचारियों को मात्र 9,600 रुपये और प्रशिक्षित कर्मचारियों को 11,600 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है।

