हिमाचल प्रदेश संयुक्त शिक्षक महासंघ ने सीबीएसई से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय नेगी ने की, ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया।
महासंघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य में शिक्षकों के लिए अलग से सीबीएसई कैडर बनाया जाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे मौजूदा सेवा ढांचा और वरिष्ठता प्रणाली प्रभावित होगी। महासंघ का कहना है कि इस कदम से शिक्षकों के अधिकारों और पदोन्नति की संभावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
शिक्षक महासंघ ने 19 जनवरी को जारी अधिसूचना में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि इसमें सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तों को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम या विवाद न उत्पन्न हो।
इसके अलावा महासंघ ने मांग की कि प्राथमिक विद्यालयों में केंद्र मुख्य शिक्षक (सेंटर हेड टीचर) के पद समाप्त न किए जाएं और प्राथमिक अनुभागों का प्रशासनिक नियंत्रण उन्हीं के अधीन रखा जाए।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार शिक्षकों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करेगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
