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इंद्री में गौ-तस्करी और अवैध वध मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल संख्या हुई 6
नहर में फेंके गए पशुओं के अवशेष मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, मास्टरमाइंड पहले ही गिरफ्तार
इंद्री क्षेत्र में गौ-तस्करी और अवैध वध के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
CIA-1 टीम ने इंद्री क्षेत्र में गौ-तस्करी, अवैध वध और पशुओं के सिर नहर में फेंकने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफ उर्फ सोनू (गांव गंगेरू, शामली) और वाजिद (चौसाना कस्बा, शामली) के रूप में हुई है।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने किया, जबकि टीम का संचालन एएसआई राजीव कुमार के नेतृत्व में किया गया।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एसआई जयपाल सिंह ने बताया कि इंद्री थाना क्षेत्र में ऐसी घटनाएं सामने आई थीं, जहां गौ-तस्कर नहर किनारे पशुओं का वध कर उनके सिर और अन्य अंग पश्चिमी यमुना नहर और धनौरा एस्केप में फेंक देते थे।
इस मामले में पहले ही चार आरोपी—आजम, नवाब, शहजाद और चांद—गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
इस गिरोह का मास्टरमाइंड नकीम, जो राणा माजरा का रहने वाला है, को पिछले सप्ताह पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया गया था और अब उसे हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में उसने बताया कि गिरोह आवारा पशुओं या बाजारों के आसपास घूमने वाले मवेशियों को पकड़ता था, नहर किनारे उनका वध करता था और मांस बेच देता था। पहचान छिपाने के लिए वे पशुओं के सिर और अन्य अंग नहर में फेंक देते थे।
यह मामला उस समय सामने आया जब 17 से 21 मार्च के बीच पश्चिमी यमुना नहर और धनौरा एस्केप में 20 से अधिक पशुओं के सिर और अवशेष मिले, जिससे स्थानीय लोगों और गौ-रक्षा संगठनों में भारी रोष फैल गया।

