करवा चौथ पर अमृतसर के बाजारों में मेहंदी की धूम, सोशल मीडिया डिजाइन की बढ़ी मांग

लॉरेंस रोड पर सजे मेहंदी स्टॉलों पर महिलाओं की भीड़; त्योहार युवा महिलाओं और परिवारों के लिए अतिरिक्त कमाई का भी बना अवसर।

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करवा चौथ से पहले अमृतसर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगवाने के लिए स्टॉलों पर पहुंच रही हैं। सोशल मीडिया से प्रेरित आधुनिक डिजाइन इस बार खास आकर्षण बने हुए हैं। वहीं, कई परिवार और युवा महिलाएं मेहंदी के स्टॉल लगाकर त्योहार के दौरान अतिरिक्त कमाई भी कर रहे हैं।

करवा चौथ से पहले पंजाब के अमृतसर में बाजारों की रौनक बढ़ गई है। त्योहार के उत्साह के बीच मेहंदी के स्टॉलों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। हाथों पर प्यार और रिश्तों की गहराई का प्रतीक मानी जाने वाली मेहंदी लगवाने के लिए महिलाएं पारंपरिक डिजाइनों के साथ-साथ आधुनिक पैटर्न भी पसंद कर रही हैं।

इस बार सोशल मीडिया से प्रेरित मेहंदी डिजाइन खास तौर पर लोकप्रिय हो रहे हैं। बाजारों में सजे स्टॉलों पर अलग-अलग तरह की डिजाइन बनवाने के लिए महिलाएं पहुंच रही हैं। इससे त्योहार की पारंपरिक खूबसूरती में आधुनिकता का रंग भी जुड़ गया है।

सोशल मीडिया से प्रेरित मेहंदी डिजाइन का बढ़ा क्रेज

करवा चौथ पर मेहंदी लगवाना महिलाओं के लिए त्योहार की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जाता है। अब पारंपरिक बेल-बूटों और जटिल डिजाइनों के साथ सोशल मीडिया पर देखे जाने वाले नए पैटर्न भी पसंद किए जा रहे हैं।

अमृतसर के व्यस्त बाजारों में मेहंदी कलाकार ग्राहकों की पसंद के अनुसार डिजाइन बना रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ इन स्टॉलों पर भीड़ बढ़ रही है, जिससे मेहंदी लगाने वालों को भी काम के अधिक अवसर मिल रहे हैं।

चाय का स्टॉल चलाने वाले शारिक ने लगाया मेहंदी स्टॉल

अमृतसर की लॉरेंस रोड पर शारिक सालभर चाय का स्टॉल चलाते हैं, लेकिन करवा चौथ के मौके पर उन्होंने अपने परिवार की मदद से मेहंदी का स्टॉल भी शुरू किया है।

इस काम में परिवार की महिला सदस्य उनकी मदद कर रही हैं। स्टॉल पर महिलाएं मेहंदी लगवाने के लिए कतार में पहुंच रही हैं। त्योहार के दौरान अतिरिक्त कमाई का यह तरीका परिवार के लिए रोजगार का एक मौसमी अवसर बन गया है।

स्टॉल पर काम करने वाली एक युवती ने बताया कि त्योहार का समय जल्दी कमाई करने, उत्सव का आनंद लेने और अपनी रचनात्मकता दिखाने का मौका देता है। उन्होंने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई।

उत्तर प्रदेश से आईं युवतियां भी दिखा रहीं हुनर

शारिक के परिवार की मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश से आईं उनकी तीन चचेरी बहनें भी मेहंदी लगाने के काम में शामिल हुई हैं। ये युवतियां पढ़ाई कर रही हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर मेहंदी डिजाइन बनाना सीखा है।

अब वे अपने सीखे हुए हुनर का इस्तेमाल करके त्योहार के दौरान कमाई कर रही हैं। यह उनके लिए अपनी कला को व्यवहार में लाने और आर्थिक रूप से योगदान देने का अवसर भी है।

युवा महिलाओं के लिए अपनी कमाई का अवसर

करवा चौथ के दौरान मेहंदी के स्टॉल कई युवा महिलाओं के लिए अस्थायी रोजगार का जरिया बन रहे हैं। मेहंदी कलाकार भावना के अनुसार, महिलाओं से जुड़े इस त्योहार के दौरान युवतियों को अपनी कमाई करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने बताया कि कुछ युवा महिलाओं को परिवार की पाबंदियों के कारण नियमित नौकरी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में त्योहारों के दौरान मेहंदी लगाने जैसे काम उन्हें अपनी मेहनत से पैसा कमाने का मौका देते हैं।

त्योहार की रौनक के साथ बढ़ रहे रोजगार के अवसर

अमृतसर के बाजारों में मेहंदी के स्टॉल करवा चौथ की तैयारियों को खास बना रहे हैं। एक ओर महिलाएं अपने हाथों को आकर्षक डिजाइन से सजाने के लिए पहुंच रही हैं, वहीं दूसरी ओर मेहंदी कलाकारों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल रहा है।

सोशल मीडिया से सीखे गए डिजाइन और पारंपरिक कला का मेल इस त्योहार को नए रंग दे रहा है। ऐसे मौसमी स्टॉल स्थानीय स्तर पर हुनर और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में भी भूमिका निभा रहे हैं।

Key Highlights

  • करवा चौथ से पहले अमृतसर के बाजारों में मेहंदी के स्टॉलों पर भीड़ बढ़ी।

  • सोशल मीडिया से प्रेरित आधुनिक मेहंदी डिजाइन महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं।

  • लॉरेंस रोड पर चाय का स्टॉल चलाने वाले शारिक ने परिवार के साथ मेहंदी स्टॉल लगाया।

  • उत्तर प्रदेश से आईं उनकी तीन चचेरी बहनें भी मेहंदी लगाने के काम में मदद कर रही हैं।

  • युवतियों ने सोशल मीडिया वीडियो देखकर मेहंदी डिजाइन बनाना सीखा।

  • त्योहार के दौरान मेहंदी लगाना कई महिलाओं और परिवारों के लिए अतिरिक्त कमाई का अवसर बन रहा है।

FAQ Section

1. करवा चौथ से पहले अमृतसर के बाजारों में क्या खास देखने को मिल रहा है?

अमृतसर के बाजारों में मेहंदी के स्टॉलों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ रही है। पारंपरिक और सोशल मीडिया से प्रेरित आधुनिक डिजाइन लोकप्रिय हो रहे हैं।

2. लॉरेंस रोड पर शारिक ने मेहंदी का स्टॉल क्यों लगाया?

शारिक सालभर चाय का स्टॉल चलाते हैं। करवा चौथ के दौरान अतिरिक्त कमाई के अवसर का लाभ उठाने के लिए उन्होंने परिवार की मदद से मेहंदी का स्टॉल लगाया है।

3. उत्तर प्रदेश से आई युवतियां मेहंदी कैसे सीखीं?

शारिक की तीन चचेरी बहनें सोशल मीडिया वीडियो देखकर मेहंदी डिजाइन बनाना सीखीं और अब त्योहार के दौरान अपने हुनर का इस्तेमाल कर रही हैं।

4. क्या मेहंदी लगाने का काम युवा महिलाओं के लिए रोजगार का अवसर है?

हां, त्योहारों के दौरान मेहंदी लगाने से युवा महिलाओं को अस्थायी काम और अपनी मेहनत से कमाई करने का अवसर मिल सकता है।

5. इस बार मेहंदी डिजाइन में क्या नया ट्रेंड है?

पारंपरिक डिजाइनों के साथ सोशल मीडिया से प्रेरित नए और आकर्षक पैटर्न भी महिलाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।

Conclusion

करवा चौथ से पहले अमृतसर के बाजारों में मेहंदी की रौनक त्योहार के उत्साह के साथ स्वरोजगार की तस्वीर भी पेश कर रही है। सोशल मीडिया से सीखे गए डिजाइन, पारिवारिक सहयोग और मौसमी स्टॉलों के जरिए कई लोग अपनी कला को कमाई में बदल रहे हैं। यह पहल दिखाती है कि त्योहारों की परंपराएं सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकती हैं।Screenshot_251

Edited By: Atul Sharma

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